अमेठी में तांत्रिक की हत्या का खुलासा; भूत उतारने के लिए काट दिया था सिर, 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कुंए से बरामद किया सिर, अंधविश्वास में प्लानिंग कर की गई थी बाबा की हत्या.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 12, 2026 at 6:55 AM IST
अमेठी: तांत्रिक विजय सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने घटना के चौथे दिन सुलझा ली है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर तांत्रिक का सिर भी कुंए से बरामद कर लिया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा और एक वैन भी बरामद की है. पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी को आशंका थी कि तांत्रिक ने उसकी मां पर भूत छोड़ दिया है. इसलिए उसने विजय सिंह की हत्या साथियों संग मिलकर की. उसे लगता था कि विजय की मौत से भूत भी उतर जाएगा.
पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने रविवार को बताया कि 8 जनवरी को जायस क्षेत्र में हुई विजय सिंह की हत्या के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजन सोनकर उर्फ निरहू, सौरभ सोनकर पुत्र बलराम, प्रदीप पुत्र सूरज लाल, अजय सोनकर पुत्र सोहन लाल निवासी मोहल्ला छोटा गोरियांना, जायस जिला अमेठी को गिरफ्तार किया है.
पूछताछ में अभियुक्त राजन सोनकर ने बताया कि विजय सिंह झाड़ फूंक का काम करता था. वह भी अपनी मां की झाड़फूंक के लिए विजय सिंह के पास गया था. बदले में उसने कई बार बाबा को रुपये दिए थे, लेकिन और पैसे की मांग की जाती थी. जब उसने पैसे देने से मना कर दिया तो मां की शारीरिक समस्या अधिक बढ़ गई. तब उसे लगा कि उसने पैसे नहीं दिए तो बाबा ने उस पर भूत छोड़ दिया है. इसी बात से परेशान होकर उसने अपने साथी सौरभ सोनकर, प्रदीप सोनकर, राजेश सोनकर के साथ मिलकर योजना बनाई कि अगर बाबा को खत्म कर दिया जाए तो समस्या खत्म हो जाएगी.
योजना के अनुसार राजन सोनकर ने एक वैन किराये पर ली. जनवरी को जायस रेलवे स्टेशन के पास राजन की मुलाकात विजय सिंह से हुई. यहां राजन ने अपनी समस्या बताई, जिस पर विजय ने कहा कि उसे देवा शरीफ चलना पड़ेगा. पैसे भी खर्च होंगे. राजन तैयार हो गया. पहले से तय योजना के अनुसार, चारों ने विजय को उसकी भांजी के घर से साथ में ले लिया. देवा शरीफ चलने के बहाने मोजमगंज के पास खेत में सुनसान जगह ले गए. यहां विजय को वैन से उतारकर सौरभ ने गिरा दिया. इसके बाद अजय सोनकर व प्रदीप सोनकर ने विजय के पैर पकड़ लिए. इसके बाद सौरभ ने हाथ व सिर दबा दिया. राजन सोनकर ने पहले से गाड़ी में रखे गड़ासे से गर्दन पर वार कर सिर अलग कर दिया.
मृतक की पहचान छुपाने के लिए धड़ को नाले के पास फेंक दिया. जबकि सिर एक बोरी में ईंट के साथ भरकर तालाब के पास एक पुराने कुएं में डाल दिया. अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक का सिर, वैन से घटना में प्रयुक्त गड़ासा, मृतक का मोबाइल, आधार कॉर्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र आदि बरामद कर लिया गया है.

