मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र शटल सेवा टेंडर का विरोध, सड़कों पर उतरे सैकड़ों टैक्सी संचालक, आंदोलन की चेतावनी
टनकपुर टैक्सी यूनियन ने चंपावत मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र शटल सेवा टेंडर के खिलाफ प्रदर्शन किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 1, 2026 at 12:43 PM IST
चंपावत: उत्तर भारत के प्रसिद्ध चंपावत स्थित मां पूर्णागिरि मेले में जिला पंचायत द्वारा शटल सेवा के रूप में संचालित टैक्सी संचालन टेंडर प्रक्रिया का पूर्णागिरी टैक्सी यूनियन टनकपुर ने फिर विरोध करना शुरू कर दिया है. शटल सेवा टेंडर प्रक्रिया के विरोध में सैकड़ों टैक्सी चालकों ने जिला पंचायत चंपावत के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर जिलाधिकारी मनीष कुमार से उक्त टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कराए जाने की मांग की है.
टनकपुर में मां पूर्णागिरि मेले में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच टैक्सी संचालन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है. जिला पंचायत द्वारा शटल सेवा के नाम पर टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से पूर्णागिरि टैक्सी स्वामी भड़क उठे. नाराज टैक्सी यूनियन ने टनकपुर तहसील परिसर में जिला पंचायत के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई.
इसके बाद टैक्सी स्वामी बनबसा में आयोजित 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' शिविर में पहुंचे और जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर टेंडर प्रक्रिया रद्द करने की मांग की.
गौरतलब है कि वर्ष 2025 के पूर्णागिरि मेले में भी जिला पंचायत द्वारा सटल सेवा के नाम पर किए गए टेंडर का विरोध हुआ था. उस समय टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी. जहां से टैक्सी वाहनों के निर्बाध संचालन और टेंडर के नाम पर अतिरिक्त वसूली पर रोक के आदेश दिए गए थे. अब वर्ष 2026 में जिला पंचायत द्वारा पुनः टेंडर प्रक्रिया शुरू होने पर टैक्सी स्वामियों ने इसे शोषण बताया है.
यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार ने आरोप लगाया कि टैक्सी वाहन पहले ही रोड टैक्स जमा करते हैं. इसके बावजूद टेंडर के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जाना अवैध है. उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा. वहीं टैक्सी चालकों के हितों की रक्षा को वह आत्महाह जैसा कदम भी उठा सकते हैं. लेकिन शटल सेवा के नाम पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जिलाधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि विवाद मामले में एसडीएम टनकपुर की अध्यक्षता में जिला पंचायत और टैक्सी यूनियन के बीच बातचीत कराकर इस समस्या का एक दो दिन में समाधान निकालेंगे. पूर्णागिरी मेला का संचालन सभी पक्षों को साथ में लेकर संचालित किया जाएगा.
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