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दुर्ग में स्वाइन फ्लू का प्रकोप फैला, अब तक 17 केस आए सामने, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

दुर्ग में स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट मोड पर है. जिला अस्पताल में विशेष वार्ड बनाकर इलाज किया जा रहा है.

Swine Flu Ward of Durg District Hospital
दुर्ग जिला अस्पताल का स्वाइन फ्लू वार्ड (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : September 2, 2026 at 9:16 PM IST

2 Min Read
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दुर्ग: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. सबसे ज्यादा असर दुर्ग जिले में देखने को मिल रहा है. दुर्ग में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले में रोजाना नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है.

दुर्ग में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी

आज जांच के बाद 4 नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है. स्वाइन फ्लू के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. दुर्ग जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए 10 बिस्तरों का विशेष वार्ड तैयार किया गया है. यहां तीनों शिफ्ट में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि मरीजों को जरूरत के मुताबिक तत्काल उपचार मिल सके.

दुर्ग में स्वाइन फ्लू के केस बढ़े (ETV BHARAT)

सिविल सर्जन डॉ आशीषन कुमार मिंज ने कहा कि बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. अस्पताल में उपचार की पूरी व्यवस्था है और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है- आशीषन कुमार मिंज, सिविल सर्जन, दुर्ग जिला अस्पताल

स्वाइन फ्लू के लक्षण

  • मांसपेशियों में दर्द का होना
  • सिरदर्द
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • बुखार
  • ठंड लगना और पसीना आना
  • तेज खांसी आना
  • गले में खराश और इंफेक्शन
  • आंखों में संक्रमण और पानी आना
  • पूरे शरीर में तेज दर्द होना
  • दस्त और डायरिया होना
Swine flu cases at Durg District Hospital
दुर्ग जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के केस (ETV BHARAT)

स्वाइन फ्लू के आठ मरीज हुए ठीक

राहत की बात यह है कि इनमें से 8 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि अन्य मरीजों का इलाज स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जारी है. स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों को तत्काल आइसोलेट करने के साथ उनके संपर्क में आए परिजनों की भी जानकारी जुटा रहा है. संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री और कॉन्टैक्ट हिस्ट्री खंगाली जा रही है. इसके आधार पर संदिग्ध लोगों की निगरानी और आवश्यक मेडिकल प्रोटोकॉल अपनाया जा रहा है.

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