मिठाइयों में घुली महंगाई और मिलावट की कड़वाहट, रक्षाबंधन पर बिगड़ा लोगों का स्वाद
जेब और सेहत दोनों पर आफत, शुद्ध मिठाई खोजना बड़ी चुनौती.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 4:19 PM IST
वाराणसी: बनारस... जिसकी पहचान उसकी तंग गलियों, ऐतिहासिक घाटों, बनारसी साड़ियों और जुबान पर घुल जाने वाली मिठाइयों से है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बनारस की यही मशहूर मिठास लोगों का मूड खराब कर रही है?. जी हां, इस त्योहारी सीजन में बनारसी मिठाइयों के शौकीनों को दोहरा झटका लगा है. एक तरफ आसमान छूती महंगाई है, तो दूसरी तरफ मिलावटखोरी का खौफ. आखिर त्योहार से ठीक पहले क्यों कड़वी हो गई बनारस की मिठास? देखिए राज किशोर के संपादन के साथ संवाददाता गोपाल मिश्र की यह विशेष रिपोर्ट.
शक्कर का तड़का, बजट भड़का: सबसे बड़ी वजह है चीनी के दामों में आया अप्रत्याशित उछाल. थोक बाजार में जो चीनी 4800 रुपये क्विंटल थी, वह अब 5800 रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसके कारण फुटकर में कीमतें 80 रुपये प्रति किलो को छू रही हैं. जिसकी वजह से मिठाइयों के दाम बढ़ गए हैं.
चीनी की बढ़ रही कीमतों की वजह से हमने मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए, क्योंकि हमारा नुकसान होने लगा था. मिठाइयों की कीमत को बढ़ाना हमारी मजबूरी है, क्योंकि चीनी का रेट अचानक से इतना बढ़ गया है. चासनी और बुरादा चीनी के साथ बनाई जाने वाली मिठाइयां हमें महंगी पड़ रही है.- मयंक यादव, मिठाई विक्रेता

इस बार मनाएं शुद्ध त्योहार!: महंगाई के इस तड़के के बीच, राज्य में लगातार पकड़े जा रहे नकली मावे और नकली मिठाइयों ने उपभोक्ताओं की टेंशन को दोगुना कर दिया है. शुद्ध मिठाई खोजना बड़ी चुनौती है. त्योहारी सीजन में आम जनता महंगी और असुरक्षित मिठाइयों के बीच कैसे रास्ता निकाले?. ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसी मिठाइयों को चुने जो मिलावट के खतरे से दूर रहे और चीनी की मिठास भी उसमें काम हो. इससे आपके दोहरे फायदे होंगे. जहर वाली मिठाइयां आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगी और चीनी का बड़ा रेट भी आपके जेब पर असर कम डालेगा.
रक्षाबंधन पर महंगाई हमारे लिए बड़ी परेशानी है. इसलिए अब तो 1 किलो की जगह आधा किलो और 2 किलो की जगह 1 किलो मिठाई लेकर ही काम चलाना पड़ेगा.- आनंद प्रकाश सिंह, ग्राहक

शुद्धता की परख घर बैठे: चीनी के बढ़ रहे रेट के साथ ही मिलावट खोरी परेशान कर रही है, लेकिन कुछ तरीके ऐसे हैं जिससे आप घर पर ही इस मिलावट को पहचान सकते हैं. पनीर को बिना तेल के तवे पर गरम करने से भी इसकी शुद्धता जांची जा सकती है. शुद्ध पनीर हल्का ब्राउन होगा और मिलावटी पनीर पिघल कर ज्यादा तेल छोड़ेगा और रबर जैसा खिंचेगा. मिठाइयों में बर्फी में सबसे ज्यादा मिलावट होती है. इसलिए बर्फी का 1 टुकड़ा थोड़े पानी में घोल लें और आयोडीन (नमक) की 2 बूंद डालकर छोड़े अगर पानी नीला या काला होता है तो समझिए इसमें मैदा, सूजी, स्टार्च मिला है.
घर पर कुछ केमिकल और घरेलू तरीकों से इसकी जांच आसानी से होती है. हम जो जांच करते हैं, वह लैब में होती है, लेकिन घर पर प्राइमरी जांच से आप इन तथ्यों को जांच सकते हैं.- संजय सिंह, खाद्य अधिकारी

घरेलू नुस्खों से मिलावटखोर होंगे डाउन!: रसगुल्ला भी नकली बनता है. इसमें चाशनी और छेना दोनों चेक होता है. रसगुल्ले को दबाए और छोड़े, असली रसगुल्ला दबने के बाद वापस फूल जाएगा जबकि मैदा वाला रसगुल्ला दबने के बाद पिचक जाएगा, वापस नहीं फूलेगा. इसके अलावा एक गिलास साफ पानी लेकर, उसमें एक चम्मच रसगुल्ले की चाशनी डालिए अगर पानी में तुरंत झाग आये तो समझिए चाशनी में साबुन या शैंपू मिलाया है, ताकि झाग दिखे और गाढ़ा लगे, शुद्ध चाशनी पानी में बिना झाग के घुल जाएगी.

रक्षाबंधन पर बनारस की मिठास कड़वाहट में बदलती दिख रही है. एक तरफ आसमान छूती चीनी की कीमतें लोगों का बजट बिगाड़ रही हैं, तो दूसरी तरफ मिलावटखोरी का डर त्योहार के उत्साह को फीका कर रहा है. हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी और लगातार हो रही छापेमारी से मिलावटखोरों पर नकेल कसने की कोशिश जारी है, लेकिन इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों को भी खुद सतर्क रहने की जरूरत है. ताकि सेहत से समझौता किए बिना पावन पर्व खुशियों के साथ मनाया जा सके. हमारी भी आपसे यही अपील है कि मिठाइयां खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें, जागरूक बनें और सुरक्षित रहें.
(क्या आप इस बार घर की बनी मिठाइयां अपनाएंगे?.अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें)
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