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कुचामन के 110 साल पुराने जैन मंदिर में गूंजे जयकारे: स्वर्णिम वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू, देशभर से उमड़े श्रद्धालु

कुचामनसिटी का नागौरी जैन मंदिर बारीक नक्काशी और अद्वितीय स्थापत्य कला के कारण प्रदेश के प्रमुख जैन मंदिरों में विशेष पहचान रखता है.

Vedi Pran Pratishtha in Jain Temple
वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में मौजूद श्रद्धालु (ETV Bharat Kuchamancity)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 4, 2026 at 6:25 PM IST

3 Min Read
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कुचामनसिटी: डीडवाना-कुचामन जिले की पुरानी धान मंडी स्थित श्री दिगंबर जैन नागौरी मंदिर में शनिवार से 'श्रीमज्जिनेंद्र भव्य वेदी प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव' का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ हुआ. करीब 110 वर्ष से भी अधिक पुराने इस स्वर्णिम मंदिर में देशभर से हजारों श्रद्धालु जुटे. यह मंदिर अपनी भव्य स्वर्ण कारीगरी, बारीक नक्काशी और अद्वितीय स्थापत्य कला के कारण प्रदेश के प्रमुख जैन मंदिरों में विशेष पहचान रखता है. मंदिर की अधिकांश कलात्मक कारीगरी कुचामन के स्थानीय शिल्पकारों द्वारा की गई है, जो इस शहर की पारंपरिक कला का उत्कृष्ट उदाहरण है.

श्री दिगंबर जैन नागौरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद झांझरी ने बताया कि राजा-महाराजा के जमाने का यह मंदिर अपनी भव्य स्वर्ण कारीगरी, बारीक नक्काशी और अद्वितीय स्थापत्य कला के कारण प्रदेश के प्रमुख जैन मंदिरों में विशेष पहचान रखता है. मंदिर में प्रवेश करते ही चारों ओर सुनहरी आभा दिखाई देती है. मंदिर का गुंबद एक किलो से अधिक सोने से अलंकृत है. वर्तमान में चल रहे स्वर्ण जड़ाई कार्य में अब तक 2 किलो से ज्यादा सोना लग चुका है और करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. मंदिर की अधिकांश कलात्मक कारीगरी कुचामन के स्थानीय शिल्पकारों द्वारा की गई है. कारीगर राजकुमार कुमावत ने बताया कि वे पिछले एक साल से यहां स्वर्ण जड़ाई का काम कर रहे हैं. श्रद्धालु अजित पहाड़िया ने कहा कि इस तरह की स्वर्ण जड़ाई वाला मंदिर कुचामन ही नहीं, आसपास के क्षेत्र में कहीं नहीं है.

कुचामन में स्वर्णिम वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव (ETV Bharat Kuchamancity)

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ध्वजारोहण और यागमंडल विधान संपन्न: मीडिया प्रभारी अंकुर काला ने बताया कि महोत्सव के पहले दिन शनिवार को सुबह श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा हुई. इसके बाद पुरानी धानमंडी से शहर के मुख्य मार्गों से होकर भव्य रथयात्रा एवं घटयात्रा निकाली गई, जो महावीर भवन परिसर में संपन्न हुई. रथयात्रा में श्रद्धालु भक्तिभाव से जयघोष करते हुए शामिल हुए. इसके बाद प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए ध्वजारोहण और मंडप उद्घाटन हुआ. संत क्षीरसागर महाराज के सानिध्य में यागमंडल विधान, संगीतमय महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए. दोपहर 4:15 बजे अष्टकुमारियों द्वारा वेदी शुद्धि भी की गई. महोत्सव में कुचामन सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज बंधु शामिल हुए.

Vedi Pran Pratishtha in Jain Temple
मंदिर की स्वर्ण जड़ित नक्काशी (ETV Bharat Kuchamancity)
Vedi Pran Pratishtha in Jain Temple
शोभायात्रा में शामिल महिलाएं (ETV Bharat Kuchamancity)

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विश्वशांति महायज्ञ: महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को दैनिक अभिषेक एवं शांति धारा के पश्चात हवन एवं विश्व शांति महायज्ञ होगा. इसके बाद मंदिर में नवनिर्मित एवं मुख्य वेदियों में मूलनायक भगवान एवं श्रीजी विराजमान का कार्यक्रम धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न होगा. श्रद्धालु वर्षा जैन ने बताया कि यह मंदिर केवल जैन समाज का ही नहीं, बल्कि सभी समुदायों की आस्था का केंद्र है. यहां दूर-दूर से लोग मनोकामना लेकर आते हैं. अपनी स्वर्णिम भव्यता, ऐतिहासिक महत्व और गहरी धार्मिक आस्था के कारण श्री दिगंबर जैन नागौरी मंदिर आज कुचामनसिटी की पहचान बन चुका है.