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ब्रजेश पाठक की 'बटुक वंदना' पर बिफरे अविमुक्तेश्वरानंद,अपमान पर चुप्पी और अब सम्मान का ढोंग  ?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, यह व्यक्ति एक महीने तक चुप रहता है और अब ऐसे बोलता है जैसे हिचकी आ रही है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम पर उठाए सवाल.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम पर उठाए सवाल. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 3:37 PM IST

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Updated : February 19, 2026 at 5:07 PM IST

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वाराणसी : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों का सम्मान करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं. शंकराचार्य ने बटुकों का पूजन करने पर सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा, पहले पाप कीजिए फिर प्रायश्चित करने की कोशिश. ब्रजेश पाठक शक्ति विहीन उपमुख्यमंत्री हैं. ब्रजेश पाठक ने जिस तरह से महापाप लगेगा कहकर सब कुछ ईश्वर पर छोड़ा है, इससे स्पष्ट होता है कि वह कार्रवाई नहीं कर सकते, वह कमजोर हैं. वहीं गुरुवार को वाराणसी पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सवालों से बचते रहे. उन्होंने कहा, भाजपा के प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न होने के बाद ही बात करूंगा.

बता दें, यह पूरा विवाद माघ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा वेदपाठी बटुकों की शिखा खींचने और मारपीट करने से शुरू हुआ था. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन ने स्नान करने से रोक दिया था. इसके बाद से मामला बढ़ता गया. सीएम योगी ने भी शंकराचार्य पर किए सवाल उठाए. विपक्ष ने शंकाराचार्य का समर्थन किया. अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बटुकों का सम्मान डैमेज कंट्रोल से जोड़कर देखा जा रहा है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, पहले मारते हो, फिर फूल चढ़ाते हो. (Video Credit; ETV Bharat)

पहले मारते हो, फिर फूल चढ़ाते हो : गुरुवार को वाराणसी में शंकराचार्य ने कहा, डिप्टी सीएम ने बटुकों का पूजन कर अपनी भावना दिखाई है. उन्होंने यह बताया है कि मेरे और बटुकों के साथ गलत हुआ है, लेकिन क्या उनके यह करने से शांति हो जाएगी, आप किसी को मारते हो और फिर उसके ऊपर फूल चढ़ाते हो यह कैसे होता है. शंकराचार्य ने कहा, यह व्यक्ति एक महीने तक चुप रहता है और अब ऐसे बोलता है जैसे हिचकी आ रही है. यह हो सकता है उसके समाज का दबाव उसके वोटर का दबाव हो. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से किए जा रहे अपमान और बार-बार इस तरह की चीजों से उनकी पार्टी के लोग नाराज हैं. सैकड़ो लोगों ने व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगी. कुछ लोगों ने आज पार्टी छोड़कर हमसे क्षमा मांगी है.

यूपी में बीफ का व्यापार ज्यादा : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, इज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सबसे ज्यादा बीफ का व्यापार यूपी में है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तुलना में बंगाल में गौ हत्या कम है. उन्होंने कहा कि स्वयं को 'असली हिंदू' सिद्ध करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए गए 40 दिनों के अल्टीमेटम के 20 दिन कल पूर्ण हो चुके हैं. आदित्यनाथ ने अभी तक अपने हिंदू होने के कोई संकेत नहीं दिये हैं, कालनेमि होने के ही संकेत मिले हैं. हम एक मार्च को 30 दिन होने के बाद सभी से आह्वान कर रहे हैं कि लखनऊ चलने की तैयारी कीजिए, बड़ी संख्या में हम लखनऊ पहुंचेंगे. नकली हिंदू का चोला ओढ़ कर लोगों को भ्रमित करने वाले को हम नकली हिंदू घोषित करेंगे.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का सम्मान किया.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का सम्मान किया. (Photo Credit; ETV Bharat)

बाबा रामदेव को जवाब देने लायक नहीं : बाबा रामदेव के मिलजुल कर रहने की सलाह पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कालनेमि से मिलकर रहना चाहिए, ये कैसे संभव है. कोई नकली हिंदू के साथ संत मिलकर नहीं रह सकता. कोई संत है तो हम उसके साथ मिलकर रहेंगे. उन्होंने बाबा रामदेव की तरफ से दी जा रही सलाह पर कहा कि हम रामदेव को उच्च स्तर का नहीं समझते जो उनको हम जवाब दें.

संतों और विद्वानों का किया आह्वान : उन्होंने कहा कि हम समस्त अखाड़ों, महामंडलेश्वरों और महंतों का आह्वान करते हैं कि वे आगे आएं और शास्त्र सम्मत तर्कों के साथ इन कृत्यों की व्याख्या करें, यदि ये कृत्य शास्त्र सम्मत सिद्ध नहीं किए जा सकते, तो योगी आदित्यनाथ के इन कार्यों को ढोंग की श्रेणी में क्यों न रखा जाए? अब समय आ गया है कि संत समाज इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे.

सिनेमा से नहीं, संकल्प से होगी गोरक्षा : शंकराचार्य ने कहा कि इन 20 दिनों की प्रतीक्षा में सरकार ने 'गोदान' फिल्म को टैक्स-फ्री करने जैसा प्रतीकात्मक कार्य तो किया, लेकिन हमारी मुख्य मांगों 'गाय को राज्य माता घोषित करने' और 'गो-मांस (बीफ) निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध' पर मौन साधे रखा. मनोरंजन को कर-मुक्त करने से कत्लखानों में कटती गोमाता की रक्षा नहीं होगी. सरकार का प्रथम कर्तव्य गोमाता को संवैधानिक सम्मान देना था, न कि पर्दे पर समाधान खोजना.

यूपी में गोवंश 3.93% घटा : उन्होंने कहा कि योगी अपने कुछ लोगों से कहलवा रहे कि शंकराचार्यजी बंगाल क्यों नहीं जा रहे, जहां बड़े पैमाने पर गोहत्या हो रही है. इस पर परमाराध्य ने भारत सरकार की '20वीं पशुगणना' का हवाला देते हुए कहा कि सचाई प्रचार के इतर कुछ और ही है. सचाई यह है कि पश्चिम बंगाल में गोवंश की संख्या में 15.18% की वृद्धि हुई है, वहीं स्वयं को गो-संरक्षक बताने वाली उत्तर प्रदेश सरकार के शासन में गोवंश 3.93% घट गया है. उत्तर प्रदेश की 'गंगातीरी', 'केनकथा', 'खैरगढ़' और 'मेवाती' जैसी शुद्ध देशी नस्लें आज विलुप्ति की कगार पर हैं. आंकड़े बता रहे हैं कि जहां 'धर्म' का दिखावा है, वहां 'धर्म का प्रतीक' (गोमाता) कम हो रही है, जो कि योगी के ढोंगी हिंदू या कालनेमि होने के संकेत हैं.

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Last Updated : February 19, 2026 at 5:07 PM IST