भिवानी स्वदेशी मेला 2025: पैगोड़ा स्टाइल 75 स्टॉलों पर सजा देशी उत्पाद, दिखी आत्मनिर्भर भारत की झलक
भिवानी में आयोजित स्वदेशी मेले में देशी उत्पादों की लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं.

Published : December 19, 2025 at 3:57 PM IST
भिवानी: स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वदेशी आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से भिवानी में स्वदेशी मेले का आयोजन किया गया. इस मेले में हर दिन लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में मेले में पहुंचे लोगों ने देश में निर्मित उत्पादों को न केवल देखा और परखा, बल्कि उनकी खरीदारी कर स्वदेशी के महत्व को भी समझा. मेले में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन, व्यापारी और आम उपभोक्ता उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं.

21 दिसंबर तक चलेगा स्वदेशी मेला:यह स्वदेशी मेला 21 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा. मेले में प्रदेश भर से आए नए स्टार्टअप उद्यमी, उद्योगपति और छोटे व्यापारी स्टार्टअप इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं. उपभोक्ता इन उत्पादों को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं, जिससे स्वदेशी उत्पादों को सीधा बाजार मिल रहा है.
पैगोड़ा स्टाइल स्टॉल बना आकर्षण का केन्द्र: भिवानी में आयोजित इस स्वदेशी मेले में पैगोड़ा स्टाइल की 75 आकर्षक स्टॉलें लगाई गई हैं. इन स्टॉलों में घर और देश में निर्मित रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. प्रत्येक स्टॉल पर उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और लाभों की जानकारी दी जा रही है, ताकि लोग विदेशी सामान की जगह स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.
स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम: इस बारे में स्वदेशी जागरण मंच के जिला कन्वीनर धीरज कुमार ने बताया कि, "मेले के माध्यम से लोगों में स्वदेशी सामान खरीदने की भावना जागृत हुई है. घर और देश में बने सामान के उपयोग से देश का पैसा देश में रहेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक उन्नति होगी. केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से स्वदेशी को बढ़ावा दे रही हैं. साथ ही आयात शुल्क बढ़ाकर देशी उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.स्वदेशी सामान अपनाने से देश का पैसा देश में रहेगा. रोजगार बढ़ेगा और भारत आत्मनिर्भर बनेगा.”

युवाओं में दिखा उत्साह: मेले में पहुंचे लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला. मेला घूमने आए अजय ने कहा कि, “स्वदेशी मेले में एक ही जगह रोजमर्रा का देशी सामान मिल रहा है, यह बहुत अच्छी पहल है.” वहीं, रजनी ने कहा कि, “यहां आकर हमें स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिली.” मेले में आई निशा ने कहा कि, “स्वदेशी सामान खरीदकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.” वहीं, रचना ने कहा कि, “इस तरह के मेले लोगों में देशभक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना बढ़ाते हैं.”
इस स्वदेशी मेले में आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, व्यापारियों और बुद्धिजीवियों की भी खासी भीड़ देखने को मिली, जिन्होंने स्वदेशी उत्पादों को देखकर और परखकर इसके महत्व को समझा.
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