नववर्ष में नारायणपुर कलेक्टर की बड़ी पहल, नक्सल प्रभावित दूरस्थ गांवों तक पहुंचेगा सुशासन रथ
घर घर आधार और दूसरे शासकीय दस्तावेज बनेंगे. ये सब नक्सलगढ़ नारायणपुर में संभव होने जा रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 1, 2026 at 7:04 PM IST
नारायणपुर: नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में नए साल के पहले दिन सुशासन रथ योजना का शुभारंभ किया गया है. नव वर्ष की शुरुआत सुशासन और विकास की नई उम्मीद के साथ की गई है. नारायणपुर जिला मुख्यालय से दूर बसे ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने यह अभिनव पहल की है.
ग्रामीणों को मिलेगा ये लाभ
ग्रामीणों को आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि ये सुविधाएं सीधे उनके गांव तक पहुंचेंगी.
नक्सलगढ़ में तेजी से बदल रहे हालात
नारायणपुर जिला लंबे समय तक नक्सलवाद के दंश से प्रभावित रहा है. नक्सलियों की वजह से कई गांवों में सरकारी योजनाओं के काम नहीं हुए, ना ही बुनियादी सुविधाएं पहुंचीं. आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, बैंक खाता जैसी आवश्यक सेवाएं ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थीं, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं.
सुशासन रथ की शुरुआत
कलेक्टर के नेतृत्व में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों के लिए वाई-फाई सुविधा से लैस सुशासन रथ की शुरुआत की गई है. इन विशेष वाहनों को जिला मुख्यालय से जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.
- आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है सुशासन रथ
- इंटरनेट कनेक्टिविटी
- लैपटॉप, बायोमेट्रिक उपकरण
- दस्तावेज प्रिंटिंग की सुविधा
- गांव-गांव पहुंचेगा सुशासन रथ
- आधार पंजीयन, आधार सुधार
- आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन
- राशन कार्ड, अन्य सरकारी दस्तावेज बनेंगे
अबूझमाड़ के ग्रामीणों को लाभ
इस पहल से विशेष रूप से अबूझमाड़ और अन्य दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां आज भी भौगोलिक दुर्गमता और संसाधनों की कमी एक बड़ी समस्या है. प्रशासन की यह पहल शासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी.
जिला प्रशासन ने दो गाड़ियां तैयार की हैं. इनमें वाई फाई है. इन गाड़ियों में सचिव, स्वसहायता समूह की महिला, आधार के ऑपरेटर और आय, जाति प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा है. यह गाड़ी हर गांव में पहुंचेगी. हमारी मंशा यही है कि गांव पहुंचकर ग्रामीणों के सरकारी दस्तावेज बनाएंगे. आयुष्मान, श्रम कार्ड, जन्म, निवास, पेंशन, आवास प्रकरण बनाने की भी सुविधा है. एसीएम इसके लिए नोडल अधिकारी होंगे. समूह की महिलाएं फार्म बनवाने में मदद करेंगी-नम्रता जैन, कलेक्टर नारायणपुर
सुशासन और जनकल्याण को मिलेगा बढ़ावा
नक्सल प्रभावित अतीत से निकलकर अब नारायणपुर जिला सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह पहल न केवल ग्रामीणों की दैनिक समस्याओं को कम करेगी, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की शासकीय योजनाओं से जोड़कर सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. नव वर्ष में यह कदम नारायणपुर के लिए एक नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है.

