आदिवासी किसान की बेटी खेल कोटे से रेलवे में करेगी नौकरी, दीप शिखा ने कहा- सरगुजा में खुले गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल
सरगुजा की बेटी दीपशिखा एक्का को रेलवे में नौकरी मिली है. टैलेंट सर्च से उन्हें नई पहचान मिली.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 10:36 PM IST
सरगुजा: जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. ऐसे में ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा खोजने के लिए टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाया गया. इस कार्यक्रम से कई बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिला. इन्हीं में से एक हैं दीपशिखा एक्का, जिन्होंने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है. वे अब खेल कोटे से रेलवे में नौकरी करेंगी.
किसान परिवार की बेटी बनी खिलाड़ी
दीपशिखा एक्का सरगुजा जिले के सखोली दरिमा गांव की रहने वाली हैं. वे एक आदिवासी किसान परिवार से हैं. उनके पिता खेती करते हैं. बचपन से ही उन्हें खेल में रुचि थी. साल 2015 में, जब वे कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ती थीं, तब सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के टैलेंट सर्च कार्यक्रम में उनका चयन हुआ. इसके बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए Sports Authority of India (साई) अकादमी राजनांदगांव भेजा गया.
साई अकादमी में मिली कड़ी ट्रेनिंग
साई अकादमी में दीपशिखा को पढ़ाई के साथ-साथ प्रोफेशनल बास्केटबॉल प्रशिक्षण मिला. उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और गोल्ड मेडल भी जीते. जब खेल कोटे से रेलवे में उन्होंने फॉर्म भरा तो उनकी नौकरी लग चुकी है. उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन North Frontier Railway (एनएफआर) गुवाहाटी, असम में खेल कोटे से हो गया है.
स्पोर्टस हॉस्टल खुले
रेलवे में नौकरी लगने के बाद दीपशिखा से ETV भारत ने बात की. वे कहती हैं कि सरगुजा में लड़कियों के लिए अलग से स्पोर्ट्स हॉस्टल होना चाहिए, ताकि गांव की बच्चियां यहां रहकर अभ्यास कर सकें. आर्थिक कारणों से कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं.
सरगुजा में गर्ल्स स्पोर्ट्स हॉस्टल होना चाहिए, ताकि गांव की बेटियां यहां रहकर अभ्यास कर सकें और अपना भविष्य बना सकें. मैं भी आगे अपने तरफ से सहयोग करूंगी- दीपशिखा एक्का
लोकल बच्चों को दूंगी कोचिंग
दीपशिखा ने कहा कि अब मैं यहां के बच्चों को कोचिंग दे सकती हूं. जब जब भी मेरे पास टाइम होगा और बच्चे सीखना चाहे तो मैं उन्हें जरूर कोचिंग दूंगी. साथ ही जो भी सपोर्ट हो सकेगा वो मैं करूंगी.
जिले में खुशी का माहौल
दीपशिखा की इस सफलता से सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ और पूरे जिले में खुशी का माहौल है. उनकी उपलब्धि से जिले और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ है.

