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'धरती के भगवान' की जानलेवा करतूत; सर्जरी के दौरान महिला के पेट में ही छोड़ दिया सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट, 2.5 साल तक तड़पती रही

एरा मेडिकल कॉलेज के 15 डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, इलाज के नाम पर झूठ बोलकर 5 लाख रुपये भी वसूले

एरा मेडिकल कॉलेज
एरा मेडिकल कॉलेज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 7:40 PM IST

3 Min Read
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लखनऊः यूपी की राजधानी में धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों की जानलेवा लापरवाही सामने आई है. एरा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल औजार छोड़ ही दिया.

इसके बाद करीब ढाई साल तक महिला गंभीर दर्द से तड़पती रही. लेकिन डॉक्टर उसे पेन किलर देते रहे और इलाज के नाम पर करीब 5 लाख रुपये वसूल लिए. जब महिला ने दूसरे अस्पताल में सीटी स्कैन कराया गया तब खौफनाक लापरवाही का खुलासा हुआ. पुलिस प्रशासन से मदद न मिलने पर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इसके बाद बुधवार को ठाकुरगंज पुलिस ने अस्पताल के 15 डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

​ढाई साल तक दर्द से तड़पती रही महिलाः ​एल्डिको सिटी निवासी रूप सिंह ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2023 में पेट दर्द की शिकायत पर वह एरा अस्पताल गई थीं. 27 फरवरी 2023 को डॉक्टरों की टीम ने उनकी सर्जरी की. टांके पकने पर 17 मार्च को दोबारा ऑपरेशन हुआ, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ. जब भी दर्द की शिकायत लेकर जाती, डॉक्टर असली वजह छिपाते रहे और पेन किलर देकर पैसे वसूलते रहे. करीब 5 लाख रुपये इलाज के नाम पर ले लिए गए.

अल्ट्रा साउंड की गलत रिपोर्ट दीः महिला ने बताया कि 2 अगस्त 2025 को जब एरा में दोबारा अल्ट्रासाउंड हुआ तो डॉक्टरों ने पेट में औजार होने की बात छिपाई और गलत रिपोर्ट बनाकर एपेंडिसाइटिस का ऑपरेशन करने का दबाव डाला. जब संदेह हुआ तो उन्होंने चरक अस्पताल में सीटी स्कैन कराया. रिपोर्ट में साफ आया कि पेट में सर्जिकल औजार है. 20 अगस्त 2025 को चरक अस्पताल में ऑपरेशन कर औजार को बाहर निकाला गया. हालत बिगड़ने पर महिला को कई दिन आईसीयू में भी रहना पड़ा.

​कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्जः ​पीड़िता का आरोप है कि पुलिस आयुक्त और थाने में शिकायत के बाद भी अस्पताल के रसूख के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई. अंततः उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर डॉ. निसार अहमद, डॉ. पृथ्वी, डॉ. ओसामा मूसा, डॉ. देसना, डॉ. वकार, डॉ. जमाल, डॉ. सुमन, ब्रिगेडियर, डॉ. नुपुर, डॉ. सुरजीत बासु, डॉ. श्रित्या, डॉ. मोहसिन अली खान, डॉ. आयुष, डॉ. फरजाना, डॉ. सिद्दीकी, डॉ. मीसम अली के खिलाफ धोखाधड़ी और लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है. मामले की गहन जांच की जा रही है.

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