हाईकोर्ट से राहत मिलते ही घर पहुंचे सुरेश राठौर, कांग्रेस को दी चेतावनी, गोल्ज्यू देवता से मांगा न्याय
बीते 11 दिनों से फरार चल रहे पूर्व विधायक सुरेश राठौर आज हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से भी बात की.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 8, 2026 at 5:43 PM IST
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी कंट्रोवर्सी से जुड़े सभी मुकदमों में उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर आज 8 जनवरी गुरुवार को हरिद्वार ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचे. अपने आवास पर ही सुरेश राठौर ने मीडिया से बात की और अपना पक्ष रखा.
गोल्ज्यू देवता से लगाई गुहार: पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है और इसके लिए वो दो बार गोल्ज्यू देवता के मंदिर भी जा चुके हैं. गोल्ज्यू देवता न्याय के देवता हैं और वही अब सच्चाई सामने लाएंगे. राठौर ने यह भी कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वो भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने उर्मिला के पक्ष में खड़े महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन भारती को जानने से इनकार किया.
उर्मिला और कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार: पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर जो भी प्रदर्शन हुए और जिस तरह का माहौल बनाया गया, उसके लिए केवल उर्मिला और कांग्रेस ही जिम्मेदार है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश का माहौल खराब किया और अंकिता के नाम पर राजनीति की जा रही है.
जांच में सहयोग करने की कही बात: सुरेश राठौर ने कहा कि उर्मिला ने समाज के साथ धोखा किया है और षड़यंत्र के तहत उनके साथियों को भी फंसाने की कोशिश की गई. राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि रविदास पीठ को बदनाम करने का प्रयास किया गया है. उन्होंने किसी के लिए कोई आपत्तिजनक या अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया है. यदि किसी मामले में कोई दोषी छूट गया है, तो उसका निर्णय सरकार को करना है और सरकार जो भी फैसला करेगी, वह उचित होगा, वो जांच में सहयोग करते आए हैं और आगे भी करेंगे.
अपनी और उर्मिला की वायरल रिकॉर्डिंग को बताया फेक: वहीं, सुरेश राठौर ने अपनी और उर्मिला की वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर भी कहा कि वो ऑडियो एआई से बनाई गई है. उन्होंने आज तक किसी भी नेता के बारे में या किसी के खिलाफ कोई बात नहीं की. उर्मिला फर्जी ऑडियो वीडियो वायरल कर रही है. एसआईटी किसी भी प्रकार की जांच कर सकती है.
तीन साल से उत्पीड़न कर रही उर्मिला: सुरेश राठौर ने कहा कि वो अंकिता भंडारी के मामले में चश्मदीद गवाह नहीं हैं, जो उर्मिला से उस तरह की बात कहते. उर्मिला ने एआई का इस्तेमाल करके उस वीडियो को गलत तरीके से चलाया है. उर्मिला उनका तीन साल से उत्पीड़न कर रही है. डेढ़ साल पहले उन्होंने उर्मिला पर मुकदमा दर्ज कराया था. शायद उसी समय उर्मिला को गिरफ्तार किया जाता तो आज ये नौबत नहीं आती.
आखिर में सुरेश राठौर ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में अगर कहीं कोई दोषी छूट गया हो, या फिर कहीं कोई गुंजाइश है तो उसमें सरकार ही विचार कर सकती है. इसमें उनका कोई अधिकार नहीं है. उनकी सद्भावना अंकिता के परिवार के साथ हैं.
बीजेपी से निष्कासित हो चुके है सुरेश राठौर: मालूम हो कि बहादराबाद थाने में 27 दिसंबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद से राठौर 11 दिनों तक फरार बताए जा रहे थे. कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब वो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं. बीजेपी को सुरेश राठौर को काफी पहले ही पार्टी से निष्कासित कर चुका है.
जानिए पूरा मामला: बता दें कि, खुद को सुरेश राठौर की पत्नी कहने वाली उर्मिला सनावर ने दिसंबर के आखिर में एक वीडियो जारी किया था. उस वीडियो में उर्मिला सनावर ने अपनी और सुरेश राठौर की मोबाइल पर हुई बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी चलाई थी, जिसमें दोनों अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर बात कर रहे थे. उस ऑडियो के वायरल होने के बाद ही तीन साल पुराना अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर से चर्चाओं में आ गया. शांत प्रदेश का माहौल फिर से गरम हो गया था.
ऑडियो रिकॉर्डिंग के वायरल होने के बाद उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर दोनों के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे. दोनों को पुलिस ने नोटिस भी भेजे थे, लेकिन दोनों पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहे थे. अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को लेकर सुरेश राठौर ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी मुकदमों में सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा थी.
सात जनवरी को उर्मिला सनावर भी देहरादून पुलिस के सामने पेश हुई थीं. देहरादून पुलिस ने उर्मिला सनावर से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की थी. इसके बाद आज आठ जनवरी को उर्मिला सनावर हरिद्वार पहुंची थी. हरिद्वार ने भी उर्मिला सनावर से एसआईटी पूछताछ कर रही है.
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