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'100 दिन नहीं, अब 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी, 90:10 फंडिंग से राज्य को होगा फायदा'

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस वीबी–जी राम जी को लेकर भ्रम फैला रही है. इस योजना से हिमाचल को ही फायदा होगा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरेश कश्यप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरेश कश्यप (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 11, 2026 at 2:16 PM IST

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Updated : January 11, 2026 at 3:42 PM IST

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सोलन: एक तरफ जहां कांग्रेस मनरेगा का नाम बदलने पर धरना प्रदर्शन कर रही है वहीं, बीजेपी इसे कांग्रेस की राजनीति बता रही है. आज कांग्रेस ने सोलन के चिल्ड्रन पार्क में मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में धरना दिया था. दूसरी तरफ सोलन के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में सांसद सुरेश कश्यप ने वीबी–जी राम जी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

सुरेश कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार से वीबी–जी राम जी को लेकर मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भ्रम फैला रही है, वो उसकी ग्रामीण विरोधी और विकास विरोधी मानसिकता को उजागर करता है. कांग्रेस तथ्यों से भागकर झूठे आरोपों के सहारे इस ऐतिहासिक सुधार का विरोध कर रही है. आजादी के बाद गरीबों और मजदूरों को रोजगार और आजीविका देने के लिए समय–समय पर अनेक योजनाएं आईं जैसे काम के बदले रोजगार, जवाहर रोजगार योजना, नरेगा और मनरेगा. 2005 में शुरू हुई नरेगा (2009 में मनरेगा) ने शुरुआत में अपेक्षित परिणाम दिए, लेकिन समय के साथ इसमें फर्जी मस्टररोल, फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी, ठेकेदारी प्रथा और स्थायी परिसंपत्तियों के अभाव जैसी गंभीर कमियां आ गईं. रोजगार के साथ विकास का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ा.

सुरेश कश्यप ने बताए यूपीए-एनडीए के आंकड़े

सुरेश कश्यप ने कहा कि 2006–2014 (यूपीए काल) में जहां 1660 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए और ₹2.13 लाख करोड़ खर्च हुए, वहीं 2014–2025 (एनडीए काल) में 3210 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए और ₹8.53 लाख करोड़ से अधिक खर्च किया गया. पूर्ण कार्यों की संख्या यूपीए में 153 लाख, जबकि एनडीए में 862 लाख रही.

100 की जगह 125 दिन हुई रोजगार की गारंटी

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि 'व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का निर्माण यूपीए में 17.6% था, जो एनडीए में बढ़कर 62.95% हुआ. आधार सीडिंग यूपीए में सीमित थी, जबकि एनडीए में यह व्यापक हुई और सीधा लाभ DBT से मजदूरों के खातों में पहुंचा. वीबी–जी राम जी अधिनियम हिमाचल जैसे हिमालयी/विशेष श्रेणी राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जहां पहले 75% केंद्रीय अंशदान था, अब 90:10 फंडिंग पैटर्न सुनिश्चित किया गया है. इससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियां तेजी से बनेंगी. कांग्रेस का यह दावा झूठा है कि रोजगार की गारंटी खत्म की गई है. सच्चाई यह है कि 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है और ये कानूनी गारंटी है. योजना डिमांड-ड्रिवन ही रहेगी. '

'भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम'

सांसद ने कहा कि वीबी–जी राम जी में जियो-टैगिंग, GPS मैपिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित सोशल ऑडिट को अनिवार्य किया गया है. इससे फर्जी मस्टर रोल, डुप्लीकेसी कार्य और घोटालों पर पूर्ण विराम लगेगा. योजनाएं ग्राम सभा से ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक समन्वयित होंगी. प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है ताकि स्किलिंग, ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम का प्रभावी उपयोग हो सके, जो पहले संभव नहीं था. कृषि मौसम के दौरान 60 दिन के विराम का निर्धारण राज्य सरकारें करेंगी. इससे 125 दिन की मजदूरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हिमाचल की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए ये लचीलापन राज्यों के हित में है.

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Last Updated : January 11, 2026 at 3:42 PM IST