ETV Bharat / state

सिरसा के सुरेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय पैरा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में जीता गोल्ड, गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

सिरसा जिले के शेरपुरा के सुरेन्द्र कुमार ने इंडोनेशिया पैरा थ्रो बॉल में स्वर्ण जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है.

SURENDRA KUMAR GOLD MEDAL
सुरेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय पैरा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में जीता गोल्ड (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 26, 2026 at 11:28 AM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

सिरसा: जिले के शेरपुरा डिंग मंडी के गांव शेरपुरा के होनहार खिलाड़ी सुरेन्द्र कुमार ने विकलांगता को मात देते हुए इंडोनेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. यह प्रतियोगिता इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न देशों की टीमें भाग ले रही थीं. 23 फरवरी को फाइनल मुकाबले में सुरेन्द्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया. आज गांव पहुंचने पर सुरेन्द्र का भव्य स्वागत किया गया.

गांव में जश्न का माहौल: जैसे ही सुरेन्द्र के जीत की खबर गांव वालों को मिली. ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और पटाखे जलाकर जश्न मनाया. वहीं, सुरेन्द्र कुमार के गांव लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान सुरेन्द्र के कोच धर्मवीर सिंह उनके साथ मौजूद थे. सिरसा के भावदीन टोल प्लाजा पर गांव के सरपंच मुकेश इंदौरा और कई युवाओं ने बुके देकर उनका अभिनंदन किया. डीजे की धुन पर सभी झूमते हुए काफिले को गांव तक लेकर आए. रास्ते में गांव कुशुंभी के ग्रामीणों ने भी काफिले को रोककर जोरदार स्वागत किया.

सिरसा के सुरेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय पैरा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में जीता गोल्ड (Etv Bharat)

विशेष सम्मान समारोह आयोजित: गांव पहुंचने पर गौशाला परिसर में सुरेन्द्र कुमार के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उनकी सफलता पर गर्व जताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी. सुरेन्द्र के कोच धर्मवीर सिंह ने कहा कि, "सुरेन्द्र ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है." वहीं, सरपंच मुकेश इंदौरा ने कहा कि, "हमारे गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करना सुरेन्द्र की मेहनत और लगन का परिणाम है." ग्रामीण रमेश ने कहा कि, "सुरेन्द्र की सफलता से युवाओं में नई प्रेरणा पैदा हुई है. हम उम्मीद करते हैं कि वह भविष्य में और भी पदक जीतेंगे."

उम्मीदें और भविष्य: सुरेन्द्र कुमार की इस उपलब्धि ने गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए नया उत्साह और प्रेरणा पैदा की है. ग्रामीणों ने कहा कि वे भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने की उनकी यात्रा में उनका समर्थन करते रहेंगे.

ये भी पढ़ें:हरियाणा में आज 10वीं की परीक्षा, करीब 2.89 लाख छात्र देंगे गणित का पेपर, एग्जाम सेंटर पर सुरक्षा कड़ी