सूरजपुर के चंदौरा ग्राम पंचायत का कमाल, मृत नाले में स्टॉप डैम बनाकर 12 महीने किसान ले रहे फसल, मछली पालन भी
चंदौरा ग्राम पंचायत की महिलाएं बताती है कि इस काम को करने में गांव के सभी लोगों ने बहुत मेहनत की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 2:58 PM IST
सूरजपुर: जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर प्रतापपुर ब्लॉक स्थित चंदौरा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने वो कर दिखाया है जिससे उनकी किस्मत बदल गई है. अपनी मेहनत के दम पर यहां के लोगों ने एक मृत नाले में जान डाल दी, जिससे यहां के लोगों के जीवनस्तर में काफी सुधार हुआ है.
नाले में स्टॉप डैम बनाकर 12 महीने फसल का लाभ
इस ग्राम पंचायत में छुई नाला है. लेकिन नाले के नाम पर इसमें कभी पानी नहीं ठहरता. पूरी तरह से खुला होने के कारण बारिश के दौरान भी पानी जमा नहीं होता और बहकर आगे निकल जाता. पानी का कोई स्रोत नहीं होने से चंदौरा ग्राम पंचायत के ग्रामीण सिर्फ बारिश के दिनों में ही खेती पर निर्भर थे. बाकी के दिन यहां के लोगों को मेहनत मजदूरी के लिए आसपास के गांवों में जाना पड़ता था. लेकिन सालभर पहले गांव वालों ने इस छुई नाला में मिट्टी बांध बनाया. मिट्टी और पत्थरों से नाले में स्टॉप डैम बनाया गया. जिसका फायदा ये हुआ कि इस क्षेत्र के किसान अब बारहमासी फसल ले रहे हैं.
धान, गेहूं और साग सब्जी से हो रही अच्छी कमाई
इस पंचायत की रहने वाली शांति पैकरा किसान है. वे बताती है कि पहले नाले में पानी नहीं था. पूरा सूखा था, खेती बाड़ी नहीं होती थी. इसे गहरा किया गया, चारों तरफ से बांधा गया, जिससे अब उन्हें काफी पानी मिलने लगा है. 12 महीने एक के बाद एक खेती कर रहे हैं. धान, गेहूं और साग सब्जी लगा रहे हैं. जिससे उन्हें काफी लाभ मिल रहा है.

इसके पीछे बहुत मेहनत लगी. गांव वाले 12 महीने खेती कर पा रहे हैं और इसका लाभ ले रहे हैं. सभी ग्राम पंचायतों से यही कहना चाहती हूं कि इस तरह का काम करें और लाभ लें- सुनेखा पैकरा सरपंच, ग्राम पंचायत, चंदौरा
स्टॉप डैम बनने से ग्रामीणों को बहुत लाभ मिल रहा है. आज गेहूं, सरसों और बहुत सी सब्जियों की खेती की जा रही है. डबरी, ट्यूबवेल और कुआं का जलस्तर बढ़ा है. सिंचाई में बहुत लाभ हो रहा है- सत्येन्द्र केरकेट्टा, तकनीकी सहायक, प्रतापपुर जनपद पंचायत
समूह की महिलाएं कर रही मछली पालन
ना सिर्फ खेती बल्कि स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई गांव की महिलाएं स्टॉप डैम में मछली पालन भी कर रही है. जिससे एक तरफ खेती से आर्थिक लाभ मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ मछली पालन से अच्छी कमाई भी हो रही है. महिलाएं बताती है कि इस साल उन्होंने मछली के 10 किलो बीज बांध में डाले हैं. उन्हें उम्मीद है कि इससे अच्छी कमाई होगी.

डैम के बनने से आर्थिक स्थिति सुधर गई है. खेती बाड़ी करते हैं, साग सब्जी लगाते हैं. मछली पालन से समूह की दीदियों को भी नया जीवन मिला है. पहले कुछ नहीं करते थे. बांध बनने से महिलाओं को रोजगार मिला है. आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है- गीता मरावी, मछली पालन समूह
मनरेगा के अंतर्गत स्टॉप डैम का निर्माण
जनपद पंचायत प्रतापपुर के तकनीकी सहायक सत्येन्द्र केरकेट्टा बताते हैं कि सालभर पहले मनरेगा के तहत नाले में डैम का निर्माण कराया गया. इससे ना सिर्फ गांव वालों को रोजगार मिला बल्कि किसानों की पानी समस्या का भी निदान हुआ. मिट्टी, साइड बोल्डर पत्थर, मुरुम के साथ लोगों की मेहनत मजदूरी से 17 लाख रुपए की स्वीकृति से स्टॉप डैम का निर्माण किया गया. डैम के बनने से ना सिर्फ क्षेत्र का जलस्तर बढ़ा है बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है.


