सूरजपुर डीएवी स्कूल विवाद: प्रिंसिपल को पद से हटाया, डीएवी जनकपुर के प्राचार्य को अतिरिक्त प्रभार
सूरजपुर के तिलसिंवा डीएवी स्कूल की प्राचार्य पर स्कूल टाइम में आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों से रंगाई पोताई कराने का आरोप है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 4, 2026 at 7:22 AM IST
सूरजपुर: डीएवी स्कूल तिलसिंवा की प्रिंसीपल पर बड़ी कार्रवाई की गई है. स्कूल की प्रिंसीपल विधु शर्मा को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह डीएवी पब्लिक स्कूल जनकपुर के प्राचार्य सुनील महाजन को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. विधु शर्मा को जांच पूरी होने तक अवकाश पर भेज दिया गया है.
सूरजपुर डीएवी स्कूल की प्राचार्य पर गंभीर आरोप
DAV मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल विधु शर्मा पर आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों से स्कूल में रंगाई पोताई और सीमेंट का काम कराए जाने का आरोप है. ETV भारत ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था. शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले बच्चों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि सरकारी कोटा वाले बच्चों से काम कराया जाता है और भेदभाव किया जाता है. जिसकी वजह से कई बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया. खबर प्रसारित होने के बाद शासन-प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे.

डीएवी जनकपुर के प्राचार्य को अतिरिक्त प्रभार
अब इस क्रम में यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. स्कूल के संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल डीएवी पब्लिक स्कूल जनकपुर के प्राचार्य सुनील महाजन को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है. उन्हें तत्काल प्रभाव से तिलसिंवा स्कूल का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित न हो.
सूरजपुर स्थित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, तिलसिवा में स्कूली बच्चों से श्रमदान कराए जाने का मामला अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील है।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) March 2, 2026
निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच के लिए तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की गई है। प्रतिवेदन प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्राचार्य पर लगे आरोपों की समिति कर रही जांच
प्रिंसीपल पर लगे आरोपों की जांच शासन की तीन सदस्यीय समिति कर रही है. यदि जांच में प्रिंसिपल विधु शर्मा दोषी पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है. शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और शिक्षा विभाग की नजर इस पर बनी हुई है.

