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सूरजकुंड मेले में पहुंचे बांग्लादेशी शिल्पकार, कहा- "भारत में नहीं लग रहा डर, लोगों का मिल रहा बेहद प्यार"

सूरजकुंड मेले में बांग्लादेशी शिल्पकारों की हाथ से बनी साड़ियों ने लोगों का दिल जीत लिया.

Surajkund International Craft Mela 2026
सूरजकुंड मेले में बांग्लादेशी शिल्पकारों का जलवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 7, 2026 at 11:43 AM IST

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Updated : February 7, 2026 at 12:23 PM IST

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फरीदाबाद: फरीदाबाद के सूरजकुंड में चल रहा अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेला एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि कला, संस्कृति और परंपराओं की कोई सीमा नहीं होती. हर साल की तरह इस साल भी देश-विदेश से आए कलाकारों ने अपनी कला से मेले को जीवंत बना दिया है. खास बात यह है कि भारत-बांग्लादेश के बीच हालिया तनाव के बावजूद बांग्लादेश के हस्तशिल्प कलाकार इस मेले में पहुंचे हैं.

बांग्लादेश से आए अजीजुल हक: बांग्लादेश के अनुभवी हस्तशिल्प कलाकार अजीजुल हक अपने बेटे के साथ सूरजकुंड मेले में पहुंचे हैं. उनके स्टॉल पर हाथ से बुनी साड़ियां, दुपट्टे, लहंगे, सूट और कुर्तियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. रंग-बिरंगे डिज़ाइन और महीन बुनाई हर आने वाले को आकर्षित कर रही है. खासकर जामदानी साड़ी लोगों को बेहद पसंद आ रही है.

Surajkund International Craft Mela 2026
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला (ETV Bharat)

14 सालों से सूरजकुंड से जुड़ा रिश्ता: ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान अजीजुल हक ने कहा कि, "“मैं पिछले 14 सालों से लगातार सूरजकुंड मेले में आ रहा हूं. यह मेला मेरे लिए सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि अपना सा लगता है. इस बार दोनों देशों के बीच तनाव की वजह से डर था कि शायद वे मेले में नहीं आ पाएंगे. कुछ दिन पहले तक लग रहा था कि इस बार शायद आना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन आखिरी समय में कंफर्मेशन मिल गई. बांग्लादेश और भारत सरकार की पहल से हम यहां पहुंच पाए."उन्होंने इस फैसले को दोनों देशों के लिए सकारात्मक कदम बताया.

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला 2026 (ETV Bharat)

मेले में सेफ माहौल: अजीजुल हक ने कहा कि, "भारत आकर मुझे किसी तरह की असहजता महसूस नहीं हुई. यहां का माहौल काफी अच्छा है. सेफ है. लोग बहुत अच्छे हैं, खानपान अच्छा है और सबसे बड़ी बात यह कि लोगों का प्यार बहुत मिल रहा है. ऐसा लग ही नहीं रहा कि मैं किसी दूसरे देश में हूं."

सुरक्षा को लेकर नहीं कोई डर: सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए अजीजुल ने कहा, “यहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी है. किसी तरह का डर नहीं है. पुलिस प्रशासन पूरी तरह सहयोग कर रहा है. यहां भाईचारे जैसा माहौल है. जो बातें भारत को लेकर फैलाई जा रही हैं, वे हकीकत से दूर हैं."

Surajkund International Craft Mela 2026
बांग्लादेशी साड़ी (ETV Bharat)

राजनीति की वजह से बढ़ाया जा रहा तनाव: अजीजुल हक ने क्रिकेट से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि, “कुछ बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने कहा है कि भारत में सुरक्षा नहीं है, इसलिए वे यहां नहीं खेलेंगे. ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह सब राजनीति का षड्यंत्र है. हम शिल्पकार किसी राजनीति में नहीं पड़ते. हम अपनी कला लेकर देश-दुनिया में जाते हैं. हमारी पहचान हमारी मेहनत और कला है, न कि राजनीति."

एक कपड़ा बनाने में लगते हैं कई दिन: अजीजुल ने अपने काम के बारे में बताते हुए कहा, “हम जो साड़ियां और कपड़े लेकर आए हैं, वो पूरी तरह हाथ से बने हैं. एक कपड़ा बनाने में कई-कई दिन लग जाते हैं. यह हमारी पुश्तैनी कला है. मेले में आने वाले लोग बांग्लादेशी स्टॉल से जमकर खरीदारी कर रहे हैं. लोग हमारी कला को पसंद कर रहे हैं, सामान खरीद रहे हैं, यही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है."

Surajkund International Craft Mela 2026
मेले में पहुंचे बांग्लादेशी शिल्पकार (ETV Bharat)

"भारत आकर खुश हैं": अजीजुल के बेटे मोहम्मद सापरान भी इस मेले में अपने पिता के साथ आए हैं. उन्होंने कहा कि, “मैं बहुत खुश हूं कि मैं इस मेले में आया हूं. यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है. भारत को लेकर डराया गया था. हमारे देश में लोग कहते थे कि भारत में बांग्लादेशियों के साथ दुर्व्यवहार होता है, वहां लोग अच्छे नहीं हैं. हालांकि यहां आकर ऐसा कुछ भी महसूस नहीं हुआ. उल्टा यहां तो बहुत प्यार मिल रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे अपने ही देश में हों."

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बांग्लादेशी शिल्पकार (ETV Bharat)

क्रिकेट को लेकर दिए गए बयान गलत: सापरान ने क्रिकेटरों के बयान पर कहा कि, “हमारे क्रिकेटरों ने कहा कि भारत में सुरक्षा नहीं है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. यहां पुलिस बहुत अच्छी है और हमारा सम्मान करती है.बांग्लादेश में चुनाव आने वाले हैं, इसलिए वहां राजनीतिक माहौल गरम है. इसी वजह से इस तरह की बातें सामने आ रही हैं. मैंने अपनी मम्मी को वीडियो कॉल पर यह मेला दिखाया. उन्हें भी अच्छा लगा कि लोग हमारी कला को इतना पसंद कर रहे हैं.ठ

डर के साथ भारत आए थे मोहम्मद नसिफ: बांग्लादेश से आए दूसरे कलाकार मोहम्मद नसिफ ने भी अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा कि, "भारत आने से पहले बहुत डर लग रहा था. दोस्त और परिवार वाले मना कर रहे थे कि मत जाओ. जब यहां आया तो देखा कि सब कुछ ठीक है. लोग बहुत अच्छे हैं, बहुत प्यार मिल रहा है. भारत एक सुरक्षित देश है. यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. दोनों देशों के बीच जो तनाव है, वो जल्द ही खत्म होगा. चुनाव की वजह से यह सब हो रहा है.”

2 हजार से 1 लाख तक की रेंज: अजीजुल ने बताया कि उनके स्टॉल पर 2 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की साड़ी और कपड़े मौजूद हैं. सभी उत्पाद हाथ से बने हुए हैं और बांग्लादेश की पारंपरिक कला को दर्शाते हैं.

राजस्थान से आए पर्यटकों ने की तारीफ: इसके अलावा राजस्थान से मेला घूमने आए हीरा सिंह गुर्जर ने बांग्लादेशी स्टॉल की तारीफ की. उन्होंने कहा, “बांग्लादेशी कलाकार बहुत अच्छे हैं और उनकी साड़ियां बहुत सुंदर हैं. तनाव राजनीति की वजह से है, लेकिन कला पर उसका कोई असर नहीं होना चाहिए."

रीज़नेबल दाम में मिल रहा सामान: स्टॉल पर खरीदारी कर रहे ताहिर ने कहा, “यहां साड़ियां बहुत अच्छी हैं और दाम भी रीजनेबल हैं, इसलिए मैं खरीदारी करने आया हूं. अगर राजनीति का असर होता तो ये कलाकार यहां नहीं आते. यह साबित करता है कि कला की कोई सीमा नहीं होती.

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि राजनीति चाहे जितनी भी हो, कला और इंसानियत हमेशा ऊपर रहती है. बांग्लादेशी कलाकारों की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि कला की कोई सरहद नहीं होती.

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Last Updated : February 7, 2026 at 12:23 PM IST