कैदियों के हुनर को पसंद कर रहे लोग, सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में लगी है स्टॉल
जेल में बंद कैदियों द्वारा बनाए गए सामान की सूरजकुंड मेले में स्टॉल लगाई गई है, जिसे लोग काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं.


Published : February 13, 2026 at 5:15 PM IST
|Updated : February 13, 2026 at 5:39 PM IST
नूंह: हरियाणा की नूंह जेल में कैदियों द्वारा सामान बनाया जा रहा है, जो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. जेल वार्डन मनोज कुमार ने बताया कि "बीते 4 साल पहले जेल बनी थी. 2-3 साल से सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में कैदियों द्वारा बनाए गए सामान की स्टॉल लगाई जाती है. जिला जेल में बंद कैदियों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद पीढ़ा है, जो मजबूत और आरामदायक है. इसको लेकर जमकर खरीद हो रही है. इसके अलावा, ऑडी गाड़ी, नाव, घड़ी, एक अन्य गाड़ी के अलावा, स्कूटी, झूले, बुक कॉर्नर, बेड, सोफा सेंटर टेबल इत्यादि सामान बनाया जा रहा है. जिसे काफी पसंद किया जा रहा है".
कैदी तैयार कर रहे सामान: स्टॉल पर तैनात जेल वार्डन मनोज कुमार ने बताया कि "कैदियों द्वारा अच्छा काम किया जा रहा है. समय-समय पर अधिकारी जैसा निर्देश देते हैं, कैदियों को प्रशिक्षण दिया जाता है. यही वजह है कि जो वहां पर बंदी हैं, वह इस फर्नीचर एवं इत्यादि सामान को तैयार कर रहे हैं. जेल में जो फैक्ट्री है, न्यायाधीश के आदेश से काम करने की परमिशन मिलती है. उनको इस काम में लगाया जाता है. जो अपनी कला में दक्ष होते हैं. उनकी यही कला अब सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में लोगों की पसंद बनी हुई है. जिला कारागार नूंह के कैदियों द्वारा बनाए गए सामान को सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में आने वाले लोग जमकर खरीद रहे हैं. इससे कैदियों में ही नहीं बल्कि जेल कारागार नूंह के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी भारी खुशी देखी जा रही है".
कैदियों द्वारा बनाए सामान की स्टॉल: अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में अन्य जिला कारागार के कैदियों द्वारा भी सामान बनाकर स्टॉल लगाई गई है. लेकिन हरियाणा के नूंह जिले की स्टाल की एक अलग ही धूम है. जिसको न केवल लोग देखते हैं, बल्कि पसंद आने पर खरीद भी रहे हैं. मेवाती कला की भी एक अनूठी मिसाल इस स्टॉल पर देखने को मिल रही है. प्राचीन काल में जिस पीढ़ा को लोग बैठने के लिए इस्तेमाल करते थे, अब वही पीढ़ा डिजिटल युग में भी अपनी सुंदरता एवं आरामदायक होने की वजह से अपना मुकाम कायम किए हुए है.
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