हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव मामला, 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
हिमाचल पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश की सुक्खू सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 10, 2026 at 9:00 PM IST
|Updated : February 10, 2026 at 9:06 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव के मामले से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है. राज्य में पंचायत चुनाव करवाने के मामले में 13 फरवरी 2026 को सर्वोच्च अदालत में सुनवाई होगी. हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एस एल पी यानी स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है. जिस पर 13 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय सुनवाई करेगा.
इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने 9 जनवरी को इस मामले पर अपना फैसला सुनाया था. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार को प्रदेश में 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने के आदेश दिए थे. अब इसी फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.
आपदा प्रबंधन अधिनियम का हवाला देते हुए SC पहुंची राज्य सरकार
राज्य की कांग्रेस सरकार का तर्क है कि हिमाचल प्रदेश को बरसात में भारी आपदा का सामना करना पड़ा. प्रदेश में रेस्टोरेशन का काम अभी भी जारी है. सरकार का तर्क है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है. ऐसे में फिलहाल चुनाव टालने की जरूरत है. राज्य सरकार का तर्क है कि पंचायती राज विधानसभा का कानून है जबकि आपदा प्रबंधन संसद का. ऐसे में विधानसभा का कानून संसद के कानून के ऊपर नहीं हो सकता. इसके अलावा राज्य सरकार का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए उच्च न्यायालय की ओर से दिए गए समय पर्याप्त नहीं है. ऐसे में राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.
हिमाचल हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले चुनाव करवाने के दिए थे आदेश
हिमाचल प्रदेश में समय पर पंचायत चुनाव करवाने को लेकर अधिवक्ता डिक्कन कुमार और अन्य की ओर से हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि 31 जनवरी को राज्य में पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. लेकिन राज्य चुनाव आयोग की ओर से पंचायत चुनाव से संबंधित कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
कानून के तहत कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले चुनाव को लेकर तैयारी करना आवश्यक है. लेकिन राज्य सरकार इसमें जानबूझकर देरी कर रही है. मामले में सुनवाई के दौरान सरकार ने प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू होने का तर्क दिया था. इसके अलावा राज्य सरकार ने चुनावी प्रक्रिया के लिए समय की मांग करते हुए चुनाव आगे करने की मांग की थी. हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के तर्क को खारिज करते हुए 30 अप्रैल से पहले चुनाव करवाने के आदेश दिए थे.
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