सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर के लिए सुख की खबर, पात्र चिकित्सकों को मिलेगा NPA, नोटिफिकेश जारी
राज्यपाल की अनुमति के बाद DME की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 1, 2026 at 10:34 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स के लिए एक सुख की खबर है. राज्य में सेवाएं दे रहे ऐसे सभी चिकित्सकों को NPA यानी नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस दिया जाएगा. इस बारे में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है. आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कार्यरत सुपर-स्पेशलिस्ट चिकित्सकों को यह लाभ देने का फैसला लिया है. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा यानी DME ने अधिसूचना जारी कर डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (DM), मैजिस्टर ऑफ सर्जरी (M.Ch.) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) जैसी सुपर-स्पेशलिटी योग्यता रखने वाले फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने का निर्णय लिया है.
राज्यपाल की अनुमति के बाद DME की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के तहत सेवाएं दे रहे वे सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्य, जिन्होंने मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) से संबंधित सुपर-स्पेशलिटी डिग्री हासिल की है, वे इस लाभ के पात्र होंगे. इस मामले में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ उन दरों और शर्तों के अनुसार दिया जाएगा, जो वित्त विभाग की 24 मई, 2023 की अधिसूचना से पहले संबंधित चिकित्सकों पर लागू थीं.
अधिसूचना में कहा गया है कि यह सुविधा तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी. यह निर्णय प्रदेश में सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए है. साथ ही इसका मकसद विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करना है. यहां बता दें कि NPA से जुड़ा ये आदेश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद जारी किया है. आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार, लेखा एवं कोषागार विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय तथा प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों को भेजी गई हैं. हिमाचल में इस समय CTVS यानि कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी यानी ओपन हार्ट सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी आदि विभागों में कई डॉक्टर्स सेवारत हैं. इनके पास सुपर स्पेशलिटी डिग्रीज हैं. इस फैसले से ऐसे चिकित्सकों को लाभ मिलेगा. ये फैसला DME के तहत आने वाले सुपर स्पेशलिटी डॉक्टर्स के लिए है.

