सेहत के मोर्चे पर सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एमरजेंसी में बैठेंगे सुपर स्पेशिएलिटी डॉक्टर्स
आपात परिस्थितियों में आने पर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा मिल सकेगी. स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : November 7, 2025 at 12:08 PM IST
शिमला: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हिमाचल में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा व्यवस्था परिवर्तन लागू किया है. राज्य के चार मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले अपघात चिकित्सा यानी कैजुअल्टी हुआ करता था. यहां एमरजेंसी में मरीज को उपचार देकर फिर आगे संबंधित डिपार्टमेंट में भेजा जाता था. राज्य सरकार ने कैजुअल्टी को एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट का नाम दिया था.
अब व्यवस्था परिवर्तन के तहत एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट में सुपर स्पेशिएलिटी डॉक्टर्स भी बैठेंगे. इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसके लिए कुल 32 पद एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट के लिए शिफ्ट किए गए हैं. यानी सुपर स्पेशिएलिटी के 32 डॉक्टर्स के पद एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट में शिफ्ट किए गए हैं. पहले ये 32 पोस्टें उपरोक्त चार विभागों यानी कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी व गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागों में सृजित की गई थी, लेकिन अब इन्हें एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट के लिए शिफ्ट किया गया है.

इससे आपात परिस्थितियों में आने पर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा मिल सकेगी. स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. ये आदेश स्वास्थ्य विभाग के तहत डीएमई यानी डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान विभाग) के तहत जारी किए गए हैं. उक्त आदेश हिमाचल के शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल, कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज अस्पताल नेरचौक मंडी व डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर के लिए जारी किए गए हैं. अधिसूचना के अनुसार सुपर स्पेशिएलिटी विभागों के 32 अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉक्टर एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट में सेवाएं देंगे. कुल चार मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के डॉक्टर्स के पदों को अब एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया है.
किस अस्पताल में कितने डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार आईजीएमसी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागों में प्रति विभाग तीन-तीन अस्सिटेंट प्रोफेसर सेवाएं देंगे. इस तरह आईजीएमसी अस्पताल को सबसे अधिक 12 डॉक्टर्स मिले हैं. इसके अलावा टांडा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्डियोलॉजी व न्यूरोसर्जरी में तीन-तीन व यूरोलॉजी तथा गेस्ट्रो में दो-दो सुपर स्पेशिलिस्ट डॉक्टर्स मिले हैं. नेरचौक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्डियोलॉजी के 2 व अन्य में एक-एक डॉक्टर तैनात होंगे.
इसी तरह हमीरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी नेरचौक वाली व्यवस्था ही लागू होगी. अब इन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी और ये नियुक्तियां विभाग में सुपर स्पेशिएलिटी के आरएंडपी रूल्स यानी भर्ती व प्रमोशन नियमों के तहत होंगी. पहले ये 32 पोस्टें उपरोक्त चार विभागों यानी कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी व गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागों में सृजित की गई थी, लेकिन अब इन्हें एमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट के लिए शिफ्ट किया गया है.

