सूरजमुखी की खेती ने बदली किसान की किस्मत, बंपर हो रही कमाई
Sunflower cultivation in Faridabad: फरीदाबाद के किसान मुकेश सैनी सूरजमुखी की खेती कर एक एकड़ से तीन महीने में लाखों रुपये कमा रहे हैं.

Published : January 4, 2026 at 1:51 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 11:43 AM IST
फरीदाबाद: हरियाणा के किसान अब पारंपरिक खेती के मुकाबले जैविक खेती और बागवानी का रुख कर रहे हैं. इससे समय और पैसों की बचत तो होती ही है, साथ में किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा होता है. ऐसी ही कहानी फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसान मुकेश सैनी की है. मुकेश सैनी सूरजमुखी की खेती कर पारंपरिक खेती के मुकाबले मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.
फरीदाबाद के किसान ने बताया अपना अनुभव: ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान किसान मुकेश सैनी ने बताया कि "पहले मैं दूसरे किसानों की तरह ही गेहूं की धान की खेती करता था और सब्जियां उगता था, लेकिन मार्केट में धान और गेहूं का रेट भी ठीक नहीं मिल पा रहा था. कभी-कभी तो लागत भी नहीं निकल पाता था. यदि हम अपने अनाज को लेकर मंडी में जाते थे, तो हमें अपने अनाज को बेचने में एक हफ्ते का समय लग जाता था और समय पर पेमेंट भी नहीं मिल पाता था, लेकिन हमारी मजबूरी थी, खेती करना. ऐसे में कभी मौसम की मार तो, कभी सही रेट ना मिलने की वजह से लगातार खेती से नुकसान हो रहा था."
खर्च कम मुनाफा ज्यादा: किसान ने बताया कि "लगभग तीन-चार साल पहले मुझे सूरजमुखी खेती के बारे में जानकारी मिली और मेरे गांव के ही एक किसान ने मुझे इसकी खेती करने का तरीका बताया. इसके बाद मैंने सूरजमुखी का बीज खरीदा और सूरजमुखी की खेती करना शुरू कर दिया और आज लगभग तीन चार साल मुझे इस खेती को करते हुए हो गए हैं और मैं इस खेती से अब लाखों रुपये महीने का काम रहा हूं. इस खेती में ज्यादा मेहनत भी नहीं है और ज्यादा खर्चा भी नहीं. यदि हम एक एकड़ में सूरजमुखी की खेती करते हैं, तो मुश्किल से 7 हजार की लागत आती है और 3 महीने बाद हमारी फसल पूरी तरह से तैयार हो जाती है. 3 महीने के अंदर इस खेती से 3 लाख से अधिक रुपये की कमाई हो जाती है."

बेचने का झंझट नहीं: किसान ने बताया "सूरजमुखी को बेचने के लिए हमें मंडियों में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ती है, बल्कि हम रात 12 बजे के करीब गाजीपुर मंडी लेकर जाते हैं और सारा सामान बेचकर 5 बजे तक अपने घर लौट जाते हैं. मंडी जाते ही हमारा माल हाथों-हाथ बिक जाता है और नगद पैसे भी मिलते हैं. एक सूरजमुखी के फूल की कीमत 50 से 250 रुपये तक मिल जाती है. हमारे द्वारा तैयार किए गए सूरजमुखी के फूल विदेश तक जाते हैं, बड़े-बड़े होटलों में भी इसकी डिमांड है. यही वजह है की मार्केट में इसकी डिमांड काफी ज्यादा है.

पारंपरिक खेती में खर्च और मेहनत ज्यादा: मुकेश सैनी ने बताया "पारंपरिक खेती में मेहनत काफी ज्यादा है, लेकिन इस खेती को करने में ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं है, बल्कि एक बार बीज लगाना पड़ता है और सिर्फ एक बार एक एकड़ में एक कट्टा डीएपी का छिड़काव करना पड़ता है और खेतों में पानी डालना पड़ता है. इस तरह से 3 महीने में एक फसल तैयार हो जाता है. मैंने तीन चार एकड़ में सूरजमुखी की खेती की है और इससे मैं अब मोटा मुनाफा कमा रहा हूं."

तीन महीने में तैयार हो जाती है फसल: मुकेश ने कहा "मैं दूसरी किसानों से भी कहना चाहूंगा कि अगर वो भी पारंपरिक खेती छोड़ना चाहते हैं और कुछ अलग करना चाहते हैं, तो सूरजमुखी की खेती करें. जिसमें मेहनत कम है. लागत कम है और मुनाफा ज्यादा है. ये खेती साल भर तक चलती रहती है और 3 महीने में एक बार सूरजमुखी के फूल तैयार हो जाता है. इसमें लागत, मेहनत कम है और मुनाफा ज्यादा है."

