सुमित गोदारा ने बीकानेर में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को लेकर की बैठक, व्यवस्था सुधारने के दिए ये निर्देश
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि आने वाले दिनों में यहां प्लास्टिक सर्जन और गैस्ट्रो सर्जन की नियमित सेवाएं मिल सकेंगी.


Published : January 3, 2026 at 8:42 PM IST
बीकानेर: जिले में चिकित्सा व्यवस्था ढांचे को सुधारने को लेकर मंत्री सुमित गोदारा सक्रिय नजर आ रहे हैं. शनिवार को उन्होंने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक और एसएसबी के अन्य चिकित्सकों के साथ बैठक की. बैठक के बाद गोदारा ने पत्रकारों से बातचीत में अस्पताल में आने वाले दिनों में व्यवस्थाओं के सुधारने की बात कही.
संभागीय आयुक्त की टिप्पणी पर एतराज: पिछले दिनों अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कांग्रेसी नेताओं के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के दौरान संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा द्वारा पीबीएम अस्पताल की अधीक्षक को लेकर की गई टिप्पणी पर मंत्री सुमित गोदारा ने एतराज जताया. उन्होंने कहा कि वह भी सरकार के ही नुमाइंदे हैं और किसी भी सरकारी अधिकारी के लिए इस तरह से टिप्पणी करना ठीक नहीं है. सिस्टम में रहकर हमें इस बात का बोलते हुए ध्यान रखना जरूरी है.
गैस्ट्रो सर्जन और प्लास्टिक सर्जन की व्यवस्था: इस दौरान गोदारा ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक 150 करोड़ की लागत से केंद्र सरकार के सहयोग से बीकानेर में बना है. इस अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी स्तर की चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन यहां कई कमियां हैं जिसको लेकर आज बैठक ली है. आने वाले दिनों में यहां प्लास्टिक सर्जन और गैस्ट्रो सर्जन की नियमित सेवाएं मिलें, इसको लेकर निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक का मतलब ही स्पेशल एक्सपर्ट डॉक्टर की सेवाओं से है. आज मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और SSB के सुपरिंटेंडेंट को इस बात के निर्देश दिए हैं कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सक हर दिन मरीजों की जांच और इलाज करें.
प्राइवेट में ज्यादा जांचों पर जताई नाराजगी: साथ ही उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाली मरीज और उनके परिजनों को डॉक्टर्स के आउटडोर की जानकारी होनी चाहिए. इसको लेकर डिस्प्ले लगवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इसके बेहतर प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं. इस दौरान गोदारा ने एतराज जताया कि जांचों की सारी सुविधा होने के बावजूद यहां से ज्यादा जांच प्राइवेट सेंटर्स पर हो रही है. हमारे पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं हैं, लेकिन मरीज बाहर जांच करवा रहा है, तो इसको देखना पड़ेगा. बैठक में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुरेंद्र वर्मा, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ बीसी घीया, एसएसबी की अधीक्षक डॉ संजीव बुरी मौजूद रहे.

