सुकमा के गांवों की आवाज रायपुर में गूंजी, उम्मीद और विकास की नई इबारत
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से पंचायत प्रतिनिधियों ने मुलाकात की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 1:22 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 1:43 PM IST
सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के 75 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की. सरपंच, उपसरपंच और पंचों के दल ने उपमुख्यमंत्री के साथ गांव के हालात पर चर्चा की.
75 ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि डिप्टी सीएम से मिले
डिप्टी सीएम से मुलाकात के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि आज भी गांवों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. सड़क नहीं होने की वजह से आवाजाही की समस्या होती है. वहीं किसी के बीमार पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में भी समस्या आती है.

अब गांव में डर कम हुआ है. हमें सड़क, बिजली और अस्पताल चाहिए. अगर ये मिल जाएं तो हमारा सुकमा भी आगे बढ़ेगा-जोगा, पंच
डिप्टी सीएम ने दिया भरोसा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुकमा जैसे संवेदनशील और संसाधन समृद्ध जिले का विकास केवल योजनाओं से नहीं बल्कि पंचायतों को सशक्त बनाकर ही संभव है. उन्होंने कहा कि अब गांव शासन के भरोसे नहीं बल्कि शासन गांव के भरोसे चलेगा.

वनोपज से आजीविका का नया रास्ता
सुकमा जिले से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण अपनी आजीविका चलाने के लिए महुआ, तेंदूपत्ता, इमली जैसे वनोपज पर निर्भर हैं. आदिवासी कड़ी मेहनत कर वनोपज इकट्ठा करते हैं लेकिन उन्हें उनकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता. आज भी वे अपने वनोपज, स्थानीय बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर हैं. डिप्टी सीएम ने इस पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बिचौलियों की इस श्रृंखला को तोड़ना ही ग्रामीण समृद्धि की पहली शर्त है.

वनोपज का सही दाम मिलने लगे और गांव में ही काम मिल जाए तो हमारे बच्चे कभी गांव छोड़कर नहीं जाएंगे-लच्छू,सरपंच
हम सालों से जंगल में मेहनत करते हैं, लेकिन फायदा कोई और ले जाता है-वीरा,उप सरपंच
वनोपज का संग्रहण गांव के युवाओं के माध्यम से संगठित रूप से किया जाए और शासन की मदद से सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाए. इससे न केवल ग्रामीणों को उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि गांव में ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम ने दिए निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने वनोपज के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर विशेष जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम से 10-10 युवाओं को हैदराबाद जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाए, ताकि वे आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को सीख सकें और गांव लौटकर छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर सकें.

शांति के साथ विकास की रफ्तार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित सुकमा के गांवों में अब लगातार नक्सल ऑपरेशन को मिली सफलता के बाद शांति बहाल हो रही है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से इलवद पंचायत योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने, योजनाओं की निगरानी करने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया.
⦁ बिहान योजना के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को मजबूत करने पर जोर
⦁ गांवों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार
⦁ सड़कों के निर्माण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति
⦁ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
⦁ खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा
खेल आयोजनों को बताया सशक्त माध्यम
डिप्टी सीएम ने बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों को युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया.

