ETV Bharat / state

नक्सल भय के प्रतीकों पर प्रहार, पोटेवांगू के जंगल में ढहा एक और स्मारक, सुकमा में बदलती तस्वीर

सुरक्षाबल नक्सलियों के साथ ही उनके बनाए स्मारक पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. ऐसी कार्रवाई से डर का माहौल खत्म किया जा रहा है.

Naxal Memorial Demolished
सुरक्षाबल नक्सलियों के साथ ही उनके बनाए स्मारक पर भी कार्रवाई कर रहे (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 25, 2026 at 2:38 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

सुकमा: दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में कभी जो पत्थर और सीमेंट के ढांचे खड़े कर भय का संदेश दिया जाता था, अब वे एक-एक कर गिराए जा रहे हैं. नक्सल स्मारक ध्वस्त की ऐसी ही एक कार्रवाई चिंतागुफा थाना क्षेत्र के पोटेवांगू गांव के पास की गई. यह स्मारक भाकपा (माओवादी) द्वारा बनाया गया था.

पोटेवांगू के जंगल में चला अभियान

सुरक्षा बलों की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी. इसी दौरान जवानों को जंगल में बना एक नक्सली स्मारक दिखाई दिया. ऐसे स्मारक अक्सर नक्सलियों के प्रभाव और वर्चस्व का प्रतीक माने जाते हैं.

पोटेवांगू के जंगल में ढहा एक और स्मारक (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सतर्कता के साथ की गई कार्रवाई

जवानों ने पहले पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया. इसके बाद क्षेत्र की अच्छी तरह तलाशी ली गई, ताकि कोई आईईडी या अन्य खतरा न हो. जब पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित हो गई, तब स्मारक को गिरा दिया गया. कार्रवाई के बाद सभी जवान सुरक्षित कैंप लौट आए.

क्यों महत्वपूर्ण है स्मारक तोड़ना?

नक्सली स्मारक सिर्फ श्रद्धांजलि स्थल नहीं होते, बल्कि यह संदेश देते हैं कि इलाके में नक्सलियों का नियंत्रण है. ऐसे स्मारकों को हटाने से ग्रामीणों के मन से डर कम होता है. सुरक्षाबलों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से नक्सलियों की प्रतीकात्मक पकड़ कमजोर पड़ती है और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बढ़ता है.

Naxal Memorial Demolished
ऐसी कार्रवाई से डर का माहौल खत्म किया जा रहा है. (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

बदलती तस्वीर

सुकमा जिला पहले नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब धीरे-धीरे हालात बदल रहे हैं. कई नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं. सरकार की पुनर्वास योजनाएं लागू हो रही हैं. सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो रहा है

Naxal Memorial Demolished
सुरक्षाबल नक्सलियों के साथ ही उनके बनाए स्मारक पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

ग्रामीणों में बढ़ रहा भरोसा

पहले जिन इलाकों में डर का माहौल रहता था, वहां अब विकास की बातें हो रही हैं. सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से लोगों में विश्वास बढ़ रहा है कि अब जंगलों में कानून का राज स्थापित हो रहा है.

पोटेवांगू में गिराया गया यह स्मारक केवल एक ढांचा नहीं था, बल्कि भय का प्रतीक था. इसे हटाना सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है. यह संकेत है कि अब क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है.

सुकमा के मोरपल्ली में सात नक्सली स्मारक ध्वस्त, नक्सल प्रतीकों पर फोर्स का प्रहार
बीजापुर में 4 नक्सली स्मारक ध्वस्त, 15 फीट ऊंचे अवैध ढांचों को तोड़ा गया
अबूझमाड़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन, आईटीबीपी जवानों ने नक्सल स्मारक किया ध्वस्त