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शहरी क्षेत्रों में दुकान कर रहे छोटे कारोबारियों के लिए सुख की खबर, बैंक से लिए कर्ज की इतनी रकम चुकाएगी सुक्खू सरकार

हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना-शहरी की अधिसूचना जारी कर दी है.

Urban areas small businessmen loans
छोटे कारोबारियों के बैंक लोन चुकाएगी सुक्खू सरकार (Concept)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 21, 2025 at 12:54 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में शहरी इलाकों में छोटा-मोटा कारोबार कर रहे दुकानदारों के लिए सुख की खबर है. शहरी क्षेत्रों में कारोबार कर रहे छोटे दुकानदारों के लिए मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना-शहरी को लेकर सुक्खू सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है. इस योजना का लाभ अब शहरी इलाकों के दुकानदारों को भी मिलेगा. शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव की तरफ से इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इससे पहले ग्रामीण इलाकों के दुकानदारों के लिए ये योजना लागू थी. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में इसे शहरी इलाकों तक विस्तार देने का ऐलान किया था. इस योजना का लाभ चाय स्टाल, बारबर शॉप, सब्जी विक्रेताओं आदि को मिलेगा.

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मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना-शहरी अधिसूचना (Notification)

शहरी इलाकों में छोटे-मोटे काम कर रहे दुकानदारों के लोन का एक लाख रुपए तक का अमाउंट सरकार चुकाएगी. बैंकों के जरिए ऐसे दुकानदारों के लिए ओटीएस यानी वन टाइम सेटलमेंट नीति लागू होगी. जिन दुकानदारों ने बैंकों से लघु ऋण लिए हुए हैं और उनका कर्ज एनपीए घोषित हुआ है, ऐसे पात्र लोगों को लाभ मिलेगा. जिन लाभार्थियों का मूलधन व ब्याज को मिलाकर एक लाख रुपए होगा, उन्हें ओटीएस का लाभ मिलेगा. ऐसे दुकानदारों को भी लाभ मिलेगा, जिनका बकाया कर्ज एक लाख रुपए से अधिक है और वो कर्ज देने के लिए तैयार हैं. उन्हें भी ओटीएस का लाभ दिया जाएगा. यहां शर्त यही रहेगी कि अधिकतम लोन यानी कर्ज दस लाख रुपए से अधिक न हो. लाभ पाने के लिए दुकानदार स्थानीय शहरी निकायों के साथ संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए पोर्टल भी विकसित किया जाएगा.

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मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना-शहरी अधिसूचना (Notification)

उल्लेखनीय है कि ये योजना ग्रामीण इलाकों के लिए पहले से ही लागू है. इस योजना से शहरी इलाकों के उन दुकानदारों को भी लाभ होगा, जो कर्ज में डूबे हैं और बैंकों को बकाया रकम चुकाने में असमर्थ हैं. जिन्होंने अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2025 तक लोन लिया है और चुकाने में असमर्थ रहने के कारण एनपीए घोषित हुआ है, शहरी इलाकों के उन दुकानदारों के लिए ये सुख की खबर है. इसके लिए दुकानदार का स्थाई निवासी होना जरूरी है. उसके कारोबार का सालाना टर्नओवर दस लाख रुपए से कम होना चाहिए. पात्र दुकानदारों में मोची, दर्जी, मोबाइल रिपेयर करने वाले, गैराज चलाने वाले, टी-स्टॉल संचालक, ग्रोसरी शॉप वालों सहित कुल स्ट्रीट वेंडर्स भी शामिल हैं.

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