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हिमाचल में आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई नीति बनाने का कोई विचार नहीं, राज्य में सेवाएं दे रहे 26724 आउटसोर्स कर्मचारी

हिमाचल में आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई नीति बनाने का कोई विचार नहीं, राज्य में सेवाएं दे रहे 26724 आउटसोर्स कर्मचारी

मानसून सत्र के दौरान सदन में सीएम सुक्खू
मानसून सत्र के दौरान सदन में सीएम सुक्खू (@CM Sukhu)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : September 1, 2026 at 6:20 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार के पास आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हिमाचल प्रदेश में इस समय 26724 कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे हैं. ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई है. भाजपा विधायकों डॉ. हंसराज व इंद्र सिंह गांधी ने आउटसोर्स कर्मियों को लेकर सरकार से सवाल किया था.

मंगलवार को अतारांकित सवालों की सूची में ये सवाल संख्या नंबर 1830 के तौर पर दर्ज था. भाजपा सदस्य जानना चाहते थे कि राज्य में विभिन्न विभागों, निगमों, बोर्डों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों व अन्य सरकारी संस्थानों में कितने आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं. साथ ही ये भी पूछा था कि क्या राज्य सरकार इनके लिए नई आउटसोर्स नीति बनाने का विचार रखती है? सवाल वित्त विभाग से जुड़ा हुआ था, लिहाजा सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की तरफ से लिखित जवाब दिया गया.

सरकार की तरफ से दिए गए जवाब में बताया गया कि सभी विभागों, निगमों-बोर्डों आदि में 26724 आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं. आगे जवाब में कहा गया कि जहां तक इनके लिए नई आउटसोर्स नीति बनाने का संबंध है, इस संदर्भ में सरकार के पास ऐसा कोई भी मामला विचाराधीन नहीं है.

अस्थाई चालकों के 3100 आवेदन, अभी नियुक्ति पत्र का विचार नहीं

हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में अस्थाई चालकों के पद के लिए निगम प्रबंधन को 3100 आवेदन मिले थे. अभी राज्य सरकार का वर्तमान में इन आवेदकों को नियुक्ति पत्र देने का कोई विचार नहीं है, लेकिन यदि निकट भविष्य में सरकार को जरूरत पड़ी तो उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं. इस संदर्भ में भाजपा विधायक विपिन परमार ने मानसून सेशन में अतारांकित सवाल किया था. महकमे के मंत्री व डिप्टी सीएम की तरफ से इस सवाल का लिखित जवाब दिया गया.

जवाब में बताया गया कि अस्थाई चालकों को जरूरत पड़ने पर नियुक्ति दी जाएगी और उन्हें प्रति दिन 1500 रुपए मानदेय दिया जाएगा. चूंकि ये व्यवस्था अस्थाई होगी और जरूरत पड़ने पर ही नियुक्ति दी जाएगी, लिहाजा कोई टीए, डीए देय नहीं होगा. दैनिक मानदेय 1500 रुपए उसी सूरत में मिलेगा, जब नियुक्ति होगी. सरकार की तरफ से दिए गए जवाब में ये भी बताया गया कि इस समय हिमाचल पथ परिवहन निगम के विभिन्न डिपुओं में चालकों के 831 पद रिक्त पड़े हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि जिस समय निगम के चालकों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया था, उस समय सरकार ने आपात स्थितियों में सेवाएं जारी रखने के लिए अस्थाई चालकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे. सरकार को 3100 आवेदन प्राप्त हुए हैं. अब सरकार का कहना है कि जरूरत के समय उनकी सेवाएं ली जाएंगी.

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