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हिमाचल में शिक्षा की बड़ी क्रांति: इस प्रणाली से बदलेगा सरकारी शिक्षा का भविष्य

हिमाचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है.

school cluster system in Himachal
हिमाचल के स्कूलों में दी जाएगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 7:37 AM IST

5 Min Read
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शिमला: हिमाचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने को सरकार ने ‘स्कूल क्लस्टर प्रणाली’ की ऐतिहासिक पहल की है. जिसे प्रदेश भर में औपचारिक रूप से लागू किया गया है. यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अलग-थलग पड़े एकल विद्यालयों की समस्या को समाप्त करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है. इस पहल का उद्देश्य हर बच्चे तक एक समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है. इस पहल के तहत हर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को प्रमुख विद्यालय का दर्जा दिया गया है. जिसके अधीन आने वाले 7 से 8 उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय अब संबंधित प्रमुख विद्यालय के प्रधानाचार्य के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं. वहीं, प्रधानाचार्यों को पूर्व प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

1,968 स्कूल के क्लस्टर

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में कुल 1,968 स्कूल क्लस्टर बनाए गए हैं. इस पहल के तहत, किसी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले स्कूल संसाधनों का साझा उपयोग करते हैं, ताकि छोटे विद्यालयों के छात्रों की हब स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें. इन क्लस्टर स्कूलों में आधुनिक आईसीटी प्रयोगशालाएं, पूरी तरह सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और बहुउद्देशीय खेल परिसर उपलब्ध हैं. सीएम सुक्खू ने कहा कि ‘इस हब-एंड-स्पोक मॉडल’ को अपनाकर, प्रदेश सरकार राज्य के हर बच्चे को संसाधनों से समृद्ध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास कर रही है, ताकि दूरदराज के ग्रामीण स्कूलों और बड़े शहरी संस्थानों के बीच के गुणवत्ता फासले को कम किया जा सके.

'बिना योजना के खोले गए स्कूल'

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जब प्रदेश की बागडोर संभाली थी, उस समय कई स्कूलों में नामांकन शून्य या बहुत कम था. उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान बिना वैज्ञानिक योजना और पर्याप्त संसाधनों के हजारों संस्थान खोले, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ा. इसी क्रम में सरकार ने कुछ स्कूलों को या तो बंद किया या अन्य स्कूलों में विलय किया है. पिछली सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए बिना उचित बजट प्रावधान और योजना के अपने अंतिम छह माह के कार्यकाल में कुल 17 प्राथमिक और 20 माध्यमिक विद्यालय खोले, जिनमें छात्र संख्या दस या उससे भी कम थी. जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार ने वैज्ञानिक समीक्षा कर कई स्कूलों को या तो बंद किया या उनका विलय किया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने व्यापक समीक्षा के बाद स्कूलों का समेकन और पुनर्गठन किया.

इसके परिणामस्वरूप-

  • 31 दिसंबर, 2025 तक छात्रों की शून्य संख्या वाले 770 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को बंद किया गया.
  • 5 से कम छात्रों की संख्या वाले 532 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय को 2 से 3 किलोमीटर के भीतर के नजदीकी स्कूलों में विलय कर दिया गया.
  • कम नामांकन के कारण 21 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं और 21 उच्च विद्यालयों का स्तर घटाया गया या उन्हें बंद कर दिया गया.
school cluster system in Himachal
हिमाचल में स्कूल क्लस्टर प्रणाली शुरू (ETV Bharat)

सीएम सुक्खू ने कहा कि कुछ दो से तीन छात्रों की संख्या वाले स्कूलों में चार-पांच शिक्षक नियुक्त किए गए थे. उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा शासन के दौरान शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई थी. उन्होंने अंतिम छह महीनों में 14 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं और 15 उच्च विद्यालय खोले. जिनमें छात्रों का नामांकन कम था और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग था. वर्तमान सरकार ने इन स्कूलों को भी बंद किया. सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने नए संस्थान खोलने के बजाय संरचनात्मक दक्षता पर ध्यान केंद्रित किया. स्कूलों का विलय और समायोजन मॉडल से शिक्षक और विद्यार्थी का अनुपात बेहतर और स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं तक सभी विद्यार्थियों की पहुंच सुनिश्चित होगी.

सरकार की पूरी की ये गारंटी

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कक्षा पहली से ही अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई शुरू कर दी है, जिससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का फासला कम हुआ है. हर विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से शुरू होने से विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित होगी. प्रदेश सरकार शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट्स पर भेज रही है, ताकि वे वैश्विक शिक्षा व्यवस्था से रूबरू हो सके. इन उपायों से हिमाचल ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) में शानदार सुधार किया और जून 2025 तक 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया. उन्होंने कहा कि स्कूल क्लस्टर प्रणाली के जरिए, हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा को आधुनिक बना रही है और सामुदायिक संबंधों को मजबूत कर विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा दे रही है, जिससे राज्य की आगामी पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव तैयार हो रही है.

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