पूर्व सीएम जयराम के ड्रीम प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही सुक्खू सरकार, 4000 करोड़ के ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को लेकर बनाया अहम ग्रुप
सुक्खू सरकार ने मंडी जिले के नागचला में प्रस्तावित इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप का गठन किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 7:02 PM IST
शिमला: पूर्व सीएम जयराम ठाकुर अपने गृह जिला मंडी में इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हैं. पूर्व सीएम के इसी ड्रीम प्रोजेक्ट को अब मौजूदा सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आगे बढ़ा रहे हैं. इसी कड़ी में सुक्खू सरकार ने अब एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने मंडी के नागचला में बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप का गठन किया है. ये मल्टी डिसिप्लिनरी ग्रुप डीसी मंडी की अगुवाई में काम करेगा. यानी ग्रुप के चेयरपर्सन डीसी मंडी होंगे. इसके अलावा अन्य विशेषज्ञों को समूह में शामिल किया गया है.
इस बारे में पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है. ये ग्रुप ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी की रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगा. उल्लेखनीय है कि सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी ने भूमि अधिग्रहण व इसके सामाजिक प्रभावों को लेकर आकलन रिपोर्ट तैयार की है. इसी रिपोर्ट का मूल्यांकन अब मल्टी डिसिप्लीनरी एक्सपर्ट ग्रुप करेगा.

ग्रुप में मंडी के डीसी बतौर चेयरपर्सन शामिल किए गए हैं. इसके अलावा ग्रुप में दो गैर सरकारी सामाजिक विज्ञान विशेषज्ञ होंगे. इनमें वल्लभ गवर्नमेंट कॉलेज मंडी के सोशियोलॉजी डिपार्टमेंट के अस्सिटेंट प्रोफेसर विनोद कुमार व इसी कॉलेज की अस्सिटेंट प्रोफेसर हिना का नाम शामिल है. इसके अलावा स्थानीय निकाय के दो प्रतिनिधि भी होंगे. उनमें नगर परिषद नेरचौक के सदस्य श्याम लाल व बीडीसी बल्ह के राजगढ़ वार्ड के बीडीसी सदस्य ललित कुमार का नाम है. साथ में पुनर्वास को लेकर दो विशेषज्ञ होंगे. उनमें जिला राजस्व अधिकारी यानी डीआरओ मंडी व बल्ह के तहसीलदार का नाम है. तकनीकी पहलुओं के विशेषज्ञ के तौर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी मंडी को ग्रुप में लिया गया है. यह मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप स्वतंत्र तौ पर काम करेगा. यह ग्रुप अपने गठन के दो महीने के भीतर स्पेसिफिक रिकमेंडेशन देगा.
यहां समझिए ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट
- भूमि अधिग्रहण सहित अन्य निर्माण पर अनुमानित खर्च 4000 से 4500 करोड़ रुपए.
- अक्टूबर 2018 को तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर ने पीएम नरेंद्र मोदी को दी प्रोजेक्ट की सारी जानकारी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अपने सर्वे में 3479 बीघा जमीन को एयरपोर्ट निर्माण व बड़े विमानों के उतरने के लिए उपयुक्त पाया. - प्रोजेक्ट के पहले चरण में 2400 मीटर रनवे प्रस्तावित.
- हवाई पट्टी की लंबाई तीन किलोमीटर प्रस्तावित.
- भूमि अधिग्रहण की लागत करीब 2000 करोड़ रुपए.
- निर्माण की लागत अनुमानित 2500 करोड़ रुपए.
- सत्ता संभालने के बाद दिसंबर 2017 में नए-नए सीएम बने जयराम ठाकुर केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु से मिले और प्रोजेक्ट पर आरंभिक चर्चा की.
- केंद्रीय मंत्री ने 7 मई 2018 को एक टीम मंडी भेजने की घोषणा की.
- दिसंबर 2019 में तत्कालीन जयराम सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के एमओयू को दी मंजूरी.
- 15 जनवरी 2020 को राज्य सरकार व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में एमओयू हुआ.
- दिसंबर 2021 में 15वें वित्तायोग ने ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट मंडी के लिए एक हजार करोड़ रुपए की सिफारिश की.
- प्रोजेक्ट का लिडार सर्वे भी 2021 में पूरा हो चुका है.
- सत्ता परिवर्तन के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर सीएम इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया.
- प्रोजेक्ट के लिए सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी का गठन हुआ और कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सब्मिट की.
- अब उस कमेटी की रिपोर्ट का मूल्यांकन मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप करेगा, जिसकी अधिसूचना सुक्खू सरकार ने जारी कर दी है.
- रिपोर्ट के अनुसार 70 फीसदी जनता एयरपोर्ट निर्माण के पक्ष में है.
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