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हिमाचल में शिक्षा विभाग में व्यवस्था परिवर्तन, सुक्खू सरकार ने बंद की टीचर्स डायरी, स्कूलों को इंस्ट्रक्शन जारी

हिमाचल प्रदेश में अब स्कूलों में शिक्षकों को टीचर्स डायरी मेंटेन नहीं करनी पड़ेगी.

SUKHU GOVT CLOSED TEACHERS DIARY
स्कूलों को टीचर्स डायरी बंद करने के इंस्ट्रक्शन जारी (File)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 22, 2025 at 2:30 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने शिक्षा विभाग में एक व्यवस्था परिवर्तन किया है. हिमाचल के स्कूलों में मेंटेन की जा रही टीचर्स डायरी को बंद कर दिया है. इस बारे में शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. उल्लेखनीय है कि शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कुछ समय पहले ही इस बात के संकेत दिए थे कि टीचर्स डायरी की मौजूदा समय में कोई खास प्रासंगिकता नहीं रह गई है. ऐसे में इसे बंद किया जाना जरूरी लगता है.

क्यों बंद की टीचर्स डायरी ?

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश सेकेंडरी एजुकेशन कोड में टीचर्स डायरी मेंटेन करने का प्रावधान है. अभी एजुकेशन कोड के पैरा 12.9 के तहत टीचर्स डायरी को मैनुअल फार्म में भरना जरूरी था. समय के इस दौर में आईटी में क्रांति आई है. ऐसे में मैनुअल प्रोसेस की खास जरूरत नहीं रह गई थी. इस समय सभी काम ऑनलाइन संभव हैं. टीचिंग लर्निंग एक्टिविटीज की डॉक्यूमेंटेशन ऑनलाइन हो जाती है. इसके अलावा राज्य ने विद्या समीक्षा केंद्रों (वीएसके) की शुरुआत की है. इसके जरिए रियल टाइम बेसिस पर शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग हो रही है. वीएसके में अध्यापकों के लिए कई तरह के मॉड्यूल्स हैं. ऐसे में टीचर्स डायरी की प्रासंगिकता नहीं रह गई है. इन्हीं कारणों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने टीचर्स डायरी को मेंटेन करने की प्रक्रिया को बंद करने संबंधी निर्देश जारी किए हैं. नई शिक्षा नीति-2020 में वैसे भी लचीलेपन, नव सृजन व क्षमता आधारित शिक्षण पर फोकस किया गया है. चूंकि टीचर्स डायरी को मैनुअली मेंटेन करने की जरूरत नहीं रह गई है, ऐसे में एजुकेशन कोड के पैरा नंबर 12.9 को हटाना सही है.

SUKHU GOVT CLOSED TEACHERS DIARY
सुक्खू सरकार ने बंद की टीचर्स डायरी, स्कूलों को इंस्ट्रक्शन जारी (HP Education Department)

क्या है टीचर्स डायरी ?

एजुकेशन कोड के पैरा 12. 9 के तहत टीचर्स डायरी में शिक्षकों के लिए एक डायरी मेंटेन करना जरूरी था. इसमें सिलेबस बांटने, पढ़ाए जाने वाले अध्याय की योजना का खाका यानी लेसन प्लान आदि का वर्णन करना जरूरी था. अध्यापकों को ये डायरी मेंटेन करना जरूरी था. इस डायरी को स्कूल के प्रधानाचार्य देखकर अप्रूव करते थे. ये सारी प्रक्रिया टाइम कंज्यूमिंग थी. साथ ही नए जमाने के अनुसार ये व्यवहारिक प्रतीत नहीं हो रहा था. जब कभी स्कूलों का निरीक्षण होता था, तब इस डायरी की चेकिंग होती थी. इसीलिए डायरी मेंटेन करना जरूरी था. अब आईटी क्रांति के कारण इसकी उपयोगिता नहीं रह गई है. फिलहाल, ये इंस्ट्रक्शन सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में डिप्टी डायरेक्टर एजुकेशन के माध्यम से जारी कर दी गई है. यहां बता दें कि ये टीचर्स डायरी जेबीटी व टीजीटी से लेकर प्रवक्ताओं तक को भरना जरूरी था.

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