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सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन, हिमाचल में इस डेट के बाद नियुक्त डॉक्टर्स को नहीं मिलेगा NPA

कुछ कानूनी पहलुओं के कारण अब स्वास्थ्य विभाग ने रूल्स में संशोधन कर अधिसूचना जारी की है.

Sukhu government doctors NPA
हिमाचल में डॉक्टर्स NPA व्यवस्था परिवर्तन (Concept)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 28, 2026 at 8:56 PM IST

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शिमला: हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हेल्थ सेक्टर में व्यवस्था परिवर्तन किया है. राज्य में अब 24 मई 2023 के बाद भर्ती हुए डॉक्टर्स को NPA यानी नॉन प्रैक्टिस अलाउंस नहीं मिलेगा. इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के सचिव की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है.साथ ही गजट में इसे नोटिफाई कर दिया गया है. राज्य में सेवारत चिकित्सक वर्ग पर इस फैसले का असर पड़ेगा.

हालांकि सुक्खू सरकार ने NPA वर्ष 2023 में ही बंद कर दिया था लेकिन रूल्स में संशोधन नहीं किया गया था. कुछ कानूनी पहलुओं के कारण अब स्वास्थ्य विभाग ने रूल्स में संशोधन कर अधिसूचना जारी की है. पूर्व में वित्त विभाग ने 2023 में NPA बंद करने की अधिसूचना जारी की थी. अब कानूनी पहलुओं के कारण स्वास्थ्य विभाग ने रूल्स में अमेंडमेंट कर अधिसूचना जारी की है. रूल्स संशोधन के बाद जारी की गई अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने NPA से जुड़े नियमों को संशोधित किया है. सरकार ने हिमाचल प्रदेश मेडिकल एजुकेशन सर्विस रूल्स 1999 के रूल 14 को संशोधित किया है. अब इन्हें हिमाचल प्रदेश मेडिकल ए सर्विस (13th अमेंडमेंट) रूल्स, 2025 के नाम से जाना जाएगा.

NOTIFICATION
अधिसूचना (NOTIFICATION)

अधिसूचना के अनुसार हिमाचल में डॉक्टर्स निजी प्रेक्टिस नहीं कर सकेंगे. हालांकि पहले से ही निजी प्रेक्टिस पर रोक थी लेकिन तब डॉक्टर्स को उसकी एवज में NPA मिलता था. अब संशोधन के अनुसार डॉक्टर्स को NPA भी नहीं मिलेगा. यानी चौबीस मई 2023 के बाद नियुक्त डॉक्टर्स को NPA भी नहीं दिया जाएगा. इस बारे में पूर्व में वित्त विभाग की अधिसूचना तीन साल पहले आ चुकी है.

NOTIFICATION
अधिसूचना (NOTIFICATION)

उल्लेखनीय है कि तब भी हिमाचल प्रदेश में NPA को लेकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े डॉक्टर्स ने विरोध जताया था. अगस्त 2023 में डॉक्टर्स ने सरकार के समक्ष अपना विरोध प्रकट किया था. उल्लेखनीय है कि हिमाचल में दुर्गम व ग्रामीण इलाकों में सेवारत डॉक्टर्स सहित बड़े संस्थानों में तैनात चिकित्सा अधिकारी निजी प्रेक्टिस नहीं करते हैं. इसको कम्पनसेट करने के लिए सरकार के स्तर पर NPA की व्यवस्था की गई थी. अब ये व्यवस्था खत्म की गई है. हिमाचल में इस समय इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फैकल्टी मेंबर्स यानी सीनियर डॉक्टर्स सेवारत हैं. इस फैसले का उन पर भारी असर होगा.

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