मेरठ में एनीमिया होने पर जान देने का मामला; अस्पताल की सुसाइड थ्योरी पर उठे सवाल, CMO ने जांच के लिए टीम बनायी
सीएमओ अशोक कटारिया ने इस मामले के लिए जांच कमेटी गठित की. कथित-सुसाइड के मामले संजय की पत्नी ज्योति ने पुलिस को तहरीर दी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 10:16 PM IST
|Updated : January 3, 2026 at 11:00 PM IST
मेरठ/श्रीपाल तेवतिया: हाईडिल कालोनी निवासी संजय चौधरी को खून की कमी के कारण लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने दावा किया था कि बीमारी से परेशान होकर उन्होंने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया. इस मामले की जांच के लिए सीएमओ अशोक कटारिया ने कमेटी गठित की है. वहीं संजय की पत्नी ने भी पुलिस को तहरीर दी है. पुलिस ने भी इस केस की जांच शुरू कर दी है.
मेरठ की हाईडिल कॉलोनी में रहते थे संजय: मेरठ में शुक्रवार देर रात को गढ़ रोड के नजदीक नौचंदी थाना क्षेत्र के लोकप्रिय अस्पताल में दूसरी मंजिल में भर्ती मरीज संजय चौधरी की मौत से हर कोई हैरान है. संजय अपने घर में अकेले कमाने वाले थे. परिवार में बाकी लोग दिल्ली में रहते हैं. संजय अपनी पत्नी और इकलौते बेटे के साथ लगभग 10 साल से मेरठ की हाईडिल कॉलोनी में रहते थे.
एनिमिक होने के कारण भर्ती किया गया: तीन दिन पहले (बुधवार) संजय की तबियत खराब हुई, तो उन्हें निजी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया. वहां के डॉक्टर्स के मुताबिक संजय में खून की कमी (एनीमिया बीमारी) थी. डॉक्टर्स ने उनकी पत्नी ज्योति से कहा कि चार यूनिट खून चढ़ाना होगा. पत्नी ने तुरंत हामी भर दी. तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया जा चुका था. उस वक्त संजय की पत्नी घर पर खाना खाने गयी थीं, तो अस्पताल कर्मचारियों ने कॉल करके उनको बताया कि उनके पति ने सुसाइड कर लिया है.
पत्नी ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया: पत्नी ज्योति बदहवास हालत में अपने पड़ोसियों के साथ अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें अस्पताल की लापरवाही है. उनके पति से कुछ देर पहले कुछ रिलेटिव दिल्ली से भी मिलने आए थे. संजय के रिश्तेदारों को भी मौत की जानकारी मिलने पर झटका सा लगा.

व्यवहार कुशल और संपन्न थे संजय: जेल चुंगी के नजदीक दुकान चलाने वाले रमेश ने बताया कि संजय हसमुख स्वभाव के थे. ऐसा व्यक्ति अचानक कैसे दुनिया से चला गया, ये गले नहीं उतरता. इस केस की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. संजय के रिश्तेदार अशोक ने बताया कि संजय व्यवहार कुशल थे. कोई आर्थिक तंगी भी परिवार में नहीं थी. पति-पत्नी में कभी कोई झगड़ा नहीं होता था. किसी का कोई कर्ज भी नहीं था. पड़ोसियों का कहना है कि यह अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही है.
पत्नी ने कहा- नाइट ड्यूटी इंचार्ज झूठ बोल रहा: अस्पताल के रात्रि में इंचार्ज डॉ. राजीव कहना है कि मरीज संजय को टॉयलेट जाना था. मरीज संजय एक कर्मचारी की मदद से बाथरूम गया था. वहां उसने अंदर से कुंडी बंद कर ली और विंडो का शीशा तोड़कर कूद गया. संजय की पत्नी ज्योति का आरोप है कि जब उनके पति क्रिटिकल केयर यूनिट में थे. उनके पति बेहद कमजोर थे, यूरिन के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की गयी थी, तो उनके पति बाथरूम में क्यों जाते.

पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने शुरू की जांच: पुलिस भी सूचना मिलने पर मौक पर पहुंची. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव परिवार को सौंप दिया गया और परिजन शव लेकर दिल्ली चले गए. सीएमओ अशोक कटारिया ने बताया कि जांच कमेटी का गठन किया गय है. संजय की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी थी. उसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

शुक्रवार को संजय चौधरी की मौत हुई: अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि नौचंदी थाना क्षेत्र में जाने माने अस्पताल में भर्ती मरीज हाईडिल कॉलोनी जेल चुंगी निवासी संजय चौधरी (46 वर्ष) ने शुक्रवार रात अस्पताल की दूसरी मंजिल छलांग लगाई दी थी. वह बुधवार से अस्पताल के आईसीयू भर्ती थे. इसके बाद मरीज के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था. पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया और इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.
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