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गन्ना विभाग की सख्त चेतावनी; "किसान की सहमति के बिना नहीं होगा डिग्रेड", टोल फ्री नंबर जारी

उत्तर प्रदेश गन्ना और चीनी मिल उद्योग की कमिश्नर मिनिस्ती एस ने दिये निर्देश.

बैठक के दौरान अधिकारी
बैठक के दौरान अधिकारी (Photo credit: Sugarcane Department)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 10:41 PM IST

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लखनऊ : प्रदेश की चीनी मिलों के खिलाफ गन्ना आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है. लगातार मिल रही शिकायत के बाद अब किसानों की लिखित सहमति के बिना गन्ने की प्रजाति को बदलकर (डिग्रेड कर) तौल नहीं की जाएगी. किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है.

उत्तर प्रदेश गन्ना और चीनी मिल उद्योग की कमिश्नर मिनिस्ती एस ने जिला एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है. उन्होंने कहा कि विधिमान्य व संगत नियमों के अनुरूप जांच कराकर यह सुनिश्चित किया जाये कि किसान द्वारा लाये गये गन्ने को चीनी मिल द्वारा डिग्रेड वैरायटी में परिवर्तित कर गन्ना आपूर्ति करने के लिए किसान की लिखित सहमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाये.

उन्होंने कहा कि चीनी मिलें किसान द्वारा आपूर्ति के लिये लाये गये गन्ने को कदापि वापस न करें, बल्कि किसानों को सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए लिखित सहमति के उपरांत ही चीनी मिलें तौल की कार्यवाही करें.

गन्ना विभाग ने किसानों से अपील की है कि गन्ना आपूर्ति के समय डिग्रेड वैरायिटी में परिवर्तित करने संबंधी किसी प्रकार की समस्या होने पर विभागीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 188-121-3203 पर शिकायत दर्ज करा सकते है. इसके अलावा गन्ना कृषकों को प्रजाति परिवर्तन के लिये जागरूक एवं प्रेरित किया जाए, जिससे भविष्य में किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े.

गन्ना विभाग ने यह भी निर्देश दिए है कि किसानों की शिकायत पर विभाग कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करेगा. इसके साथ ही पर्ची डिग्रेड कर गन्ना खरीद पर निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया है.

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