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शक्कर के दाम बढ़े, लोगों ने कम किया 'मिठास का बजट', कोरबा में लोग बोले- हालत खराब, खाना-पीना भी मुश्किल हो गया

जिन्हें जरूरत 2 किलोग्राम की अब वो खरीद रहे 1 किलोग्राम शक्कर, किराना कारोबारी भी बोले- लोगों की खरीदारी से ही उनका दर्द झलक रहा

Sugar price hike korba reaction
शक्कर के दाम बढ़े, लोगों ने कम किया 'मिठास का बजट' (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 24, 2026 at 8:03 PM IST

4 Min Read
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कोरबा: त्योहारों में मिठास घोलना हो या घर में 'कुछ मीठा हो जाए' कहने वाले लोग हों... शक्कर के दाम बढ़ने से त्योहारों में मिठास कम और बजट के चलते अनुभव कड़वा हो रहा है. देशभर में चीनी के दाम में काफी बढ़ोतरी हो गई है. लोग कह रहे हैं दाम लगभग दोगुने हो गए हैं, ऐसे में खासतौर पर निचले तबके के लोगों का बजट बिगड़ गया है.

जिन्हें जरूरत 2 किलोग्राम की अब वो खरीद रहे 1 किलोग्राम शक्कर (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

दाम बढ़े तो लिमिट ही कम करनी पड़ी

किराना दुकान में खरीदी करते लोगों का दर्द साफ झलक रहा है. जो हफ्ते या महीने भर पहले तक 5 किलो चीनी खरीदते थे. उन्होंने इसकी लिमिट ढाई किलो कर दी है. दाम बढ़ने के बाद त्योहारों के सीजन में भी लोग कम चीनी खरीद रहे हैं.

सरकार की इथेनॉल पॉलिसी लोगों की चर्चा के केंद्र में

गुड़ और चीनी के दामों में बढ़ोतरी को लेकर इथेनॉल ब्लीडिंग प्रोग्राम और गन्ने के डायवर्जन का मुद्दा इन दिनों आम लोगों की चर्चा का केंद्र बिंदु है. एक तरफ राजनीतिक दल और कुछ विशेषज्ञ इथेनॉल को दाम में बढ़ोतरी का मुख्य कारण मानते हैं, तो दूसरी तरफ सरकार का पक्ष इससे अलग है. आलोचकों और विपक्ष का कहना है कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा चीनी बनाने की बजाय सीधे इथेनॉल निर्माण में डाइवर्ट किया जा रहा है.

Sugar price hike korba reaction
किराना कारोबारी भी बोले- लोगों की खरीदारी से ही उनका दर्द झलक रहा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

मंत्रालय ने कहा- फसल नुकसान से उत्पादन कम

देश में पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिलाया जा रहा है. E20 पेट्रोल प्रचलन में है. जबकि ​केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से यह बयान दिया है कि चीनी और गुड़ की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए इथेनॉल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. क्योंकि गन्ना उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में मानसून या मौसमी अनिश्चितता के कारण गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है. जिससे उत्पादन अनुमान से कम रहा है. इसके साथ त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही बाजार में मांग अचानक बढ़ती है जिसका असर कीमतों पर पड़ा है.

धरातल पर लोगों की ऐसी है स्थिति

कोरबा के बुधवारी बाजार की खुली मंडी में राशन खरीदने पहुंचे शहर के आम नागरिक मदन कुमार साह का कहना है कि घर का बजट बिगड़ गया है. कुछ दिन पहले तक चीनी के दाम 45 रुपए किलो थे. अब 70 से 75 रुपए किलो में खरीदना पड़ रहा है.

दाम लगभग डबल हो चुके हैं, ऐसे में हालत खराब है. महंगाई दिनों दिन बढ़ रही है. सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, जो आम लोगों की रोजमर्रा के जीवन शैली में शामिल है, आवश्यक वस्तुएं हैं, कम से कम उनके दाम नियंत्रित रहने चाहिए.- मदन कुमार साह, शहरवासी

लोगों ने खुद ही कम कर दी खरीदी

किराना व्यवसायी गोविंद प्रसाद यादव का कहना है कि चीनी के दाम में काफी बढ़ोतरी हो गई है. कुछ दिन पहले तक इसके दाम 50 से 52, 53 रुपए तक थे. अब 75 रुपए तक पहुंच गए हैं. आम लोग काफी परेशान हैं, जो लोग कुछ दिन पहले तक दो किलोग्राम चीनी खरीदते थे. अब वह 1 किलोग्राम लेकर जा रहे हैं, जो 1 किलोग्राम चीनी खरीदते थे. वो लोग आधा किलोग्राम चीनी खरीद रहे हैं.

लोग खुलकर कहते नहीं हैं, लेकिन उनकी खरीदारी से उनकी पीड़ा समझ आ जाती है. दाम क्यों बढ़ रहे हैं, यह ऊपर के लोग तय करते हैं. बड़े लोगों का विषय है- गोविंद प्रसाद यादव, किराना व्यवसायी

किराना कारोबारी हो या आम नागरिक सबका यही कहना है कि दाम क्यों बढ़े इसकी तो हमें जानकारी नहीं है लेकिन लोग काफी परेशान हैं.

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