झारखंड में लोगों की थाली से मिठास गायब, 14 महीनों से नहीं मिली है सरकारी चीनी
झारखंड में लगभग 14 महीनों से पीडीसी उपभोक्ताओं को चीनी नहीं मिल रही है. मंत्री ने कहा टेंडर में कोई भाग नहीं ले रहा है.

Published : March 2, 2026 at 3:29 PM IST
रिपोर्ट: भुवन किशोर झा
रांची: झारखंड में सरकारी राशन दुकान से मिलने वाली चीनी अब उपभोक्ताओं से दूर हो चुकी है. हालत यह है कि पिछले 15 महीने से सरकारी राशन दुकान से चीनी मिलने की आस लगाए बैठे लाखों उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. सरकारी उदासीनता की वजह से ना केवल होली की मिठास फीकी पड़ गई है, बल्कि ईद और रामनवमी जैसे पर्व भी बगैर चीनी का बीतने वाला है.
मार्च महीने में हैं कई त्यौहार
मार्च महीने में एक साथ कई पर्व होने वाला है. होली के अलावे ईद, रामनवमी और सरहुल इसी महीने हैं. जाहिर तौर पर सरकार के द्वारा जिस तरह से तैयारी की गई है, उससे साफ है कि इन त्योहार पर भी सरकारी चीनी की मिठास पीडीएस उपभोक्ताओं को मिलने वाला नहीं है. जब इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी से पूछा गया तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विभाग द्वारा इसकी आपूर्ति के लिए लगातार टेंडर कराया जाता है. लेकिन कोई इसमें भाग नहीं लेता मगर बिचौलिया सक्रिय है.
मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि पीडीएस दुकान से ग्रामीण क्षेत्र में लोग चीनी नहीं मांगते हैं. लेकिन शहर में जरूर मांगते हैं. मंत्री ने कहा कि बिहार झारखंड से कोई टेंडर में शामिल नहीं होते हैं. इसके अलावा बिहार में चीनी मिल बंद हो चूकी है, इसके पीछे ईख की पैदावार का नहीं होना है.
राज्यभर के 25400 पीडीएस दुकान से चीनी गायब
राज्यभर में 25400 पीडीएस दुकान हैं. जहां से सरकारी चीनी की आपूर्ति की जाती है. इधर चीनी की आपूर्ति नहीं होने से पीडीएस दुकानदारों की परेशानी बढ़ी हुई है. उपभोक्ता डीलर से त्योहार पर भी चीनी नहीं मिलने पर आए दिन नोंकझोंक करते हैं. पिछले 14 महीने से चीनी नहीं मिलने के कारण पीडीएस दुकानदार उपभोक्ताओं की नाराजगी झेल रहे हैं. इसको लेकर फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानदेव झा कहते हैं कि सरकार ने सरसों तेल, दाल और चीनी जैसे सामानों की आपूर्ति की थी. लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं होने से लोग पीडीएस दुकान पर आते हैं और खाली हाथ लौट जाते हैं.
उम्मीद की जा रही थी कि मार्च महीने में होली, ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे त्योहार हैं, उस मौके पर चीनी की आपूर्ति की जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हो सका है. पीडीएस उपभोक्ता सावित्री कहती हैं कि कई महीनों से चीनी नहीं मिल रहा था. हम लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि होली के मौके पर चीनी मिलेगी, लेकिन नहीं मिली. ऐसे में कैसे पुआ पकवान बनेगा. रमजान के महीने में सरकारी चीनी नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ता एसरार अंसारी कहते हैं कि जब से इरफान अंसारी मंत्री बने हैं, चीनी नहीं मिल रही है. ईद के मौके पर भी यदि चीनी नहीं मिले तो यह बेहद ही दुखद बात है.
अंत्योदय परिवार के करीब 9 लाख गरीबों को मिलती है चीनी
झारखंड में गरीबों की थाली से मिठास गायब है. राज्य के 8.92 लाख अंत्योदय परिवार को करीब 15 महीने से चीनी नहीं मिली है. राज्य सरकार द्वारा इन गरीब परिवार को रियायती दर पर प्रति माह एक किलो चीनी देने का प्रावधान है. गरीबों को रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराने में सरकार को भारी भरकम राशि खर्च करनी पड़ती है. यूं कहे तो 1 रुपए प्रति किलो चीनी देने के बाद राज्य सरकार बाजार से चीनी खरीदने में 40 से 45 रुपए तक खर्च करती है. उसके बाद गरीबों को आपूर्ति की जाती है.
ये भी पढ़ें: जामताड़ा में मंत्री इरफान अंसारी ने पीडीएस डीलरों को बांटी 4G पॉस मशीन, कहा- अहम सौगात
रांची में एंटी करप्शन ब्यूरो का एक्शन, सप्लाई ऑफिसर को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

