रतलाम में 182 की स्पीड से दौड़ी वंदे भारत स्लीपर, गिलास से नहीं छलकी पानी की एक बूंद
दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन पर 182 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का सफल ट्रायल. रेल मार्ग पर मिल सकती है हाई स्पीड ट्रेन चलाने को हरी झंडी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 30, 2025 at 8:36 PM IST
|Updated : December 30, 2025 at 8:58 PM IST
रतलाम: दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर कोटा से नागदा रेलवे स्टेशनों के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का हाई स्पीड पर ट्रायल सफल रहा है. स्वदेशी तकनीक से निर्मित 16 कोच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अधिकतम 182 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर चलाकर परखा गया है. इस हाई स्पीड ट्रायल से न केवल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल हुआ है बल्कि दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग की गति क्षमता का भी परीक्षण हुआ है.
इस रेल मार्ग पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने की हरी झंडी मिल सकती है. इस ट्रायल के दौरान ट्रेन की स्थिरता, दोलन, कंपन, आपातकालीन ब्रेक प्रणाली, संरक्षा प्रणाली तथा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं का भी परीक्षण किया गया. इस हाई स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया और परीक्षण को पूर्णतः सफल घोषित किया गया है.
पानी से भरे गिलास रखकर सीआरएस ने परखी गुणवत्ता
मुख्य आयुक्त रेल सुरक्षा जनक कुमार गर्ग आज मंगलवार को कोटा और रतलाम डिवीजन के निरीक्षण पर थे. जहां उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का स्पीड ट्रायल दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर किया है. ट्रायल के दौरान ट्रेन में होने वाले कंपन का परीक्षण करने के लिए पानी से भरे कांच के गिलासों का पिरामिड बनाकर कोच के अंदर रखा गया, और 182 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से इसका परीक्षण किया गया है. जनसंपर्क अधिकारी कोटा रेल मंडल द्वारा जारी किए गए वीडियो के अनुसार इतनी तेज रफ्तार पर भी पानी के गिलास से एक बूंद पानी नहीं छलका.

वंदे भारत स्लीपर का अंतिम परीक्षण पूरा, चलाई जा सकेगी हाई स्पीड ट्रेन
डीआरएम कोटा अनिल कालरा ने बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (संस्करण–2) का मुख्य आयुक्त रेल संरक्षा द्वारा अंतिम उच्च गति परीक्षण कोटा से नागदा खंड के मध्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. यह परीक्षण 180 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति पर किया गया. जिसमें ट्रेन के सभी निर्धारित तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई है. इसके बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन किया जा सकेगा.

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वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस सफल उच्च गति परीक्षण के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आगामी परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल हुई है. जो भारतीय रेलवे की आत्मनिर्भर एवं आधुनिक रेल तकनीक को सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है.
आधुनिक सुविधाओं से लैस है स्वदेशी वंदे भारत स्लीपर के 16 कोचों की रेक
स्वदेशी वंदे भारत स्लीपर के 16 कोचों की रेक यात्रियों की लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस है. ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के लिए आरामदायक बर्थ व्यवस्था, उन्नत सस्पेंशन प्रणाली, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक शौचालय, अग्नि एवं संरक्षा निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली तथा ऊर्जा दक्ष प्रणालियाँ उपलब्ध कराई गई हैं. जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सकेगा.
बहरहाल दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर कोटा डिवीजन से रतलाम डिवीजन तक हुए इस वंदे भारत स्लीपर के सफल स्पीड ट्रायल से भविष्य में इस रेल मार्ग पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने का रास्ता साफ हो गया है. जल्दी ही इस रेल मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित अन्य प्रमुख ट्रेनें भी 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से फर्राटा भरती हुई नजर आएगी.

