भिवानी में मॉनिटर लिजर्ड की अनोखी सर्जरी, पूंछ की हड्डी गई थी टूट, वेटनरी सर्जन ने किया जटिल ऑपरेशन
भिवानी में घायल मॉनिटर लिजर्ड का पशु चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर जान बचाया है. फिलहाल वो पूरी तरह स्वस्थ है.

Published : February 17, 2026 at 3:59 PM IST
|Updated : February 17, 2026 at 5:09 PM IST
भिवानी: शहर के एक रिहायशी इलाके में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक मॉनिटर लिजर्ड (गौह) निकल आई. अनजान जीव को देखकर परिवार घबरा गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. डर के कारण लोगों ने बचाव की कोशिश में उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना की सूचना मिलते ही गौरक्षा दल सक्रिय हो गया और वन्य विभाग को भी सूचित किया गया.
गौरक्षा दल की तत्परता से बची जान: गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बताया कि, "सूचना मिलते ही गौसेवक गोलू को मौके पर भेजा गया. जांच में पाया गया कि गौह की पूंछ की हड्डी दो स्थानों से टूट चुकी थी और शरीर पर गहरा घाव था. हालत गंभीर देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद नौरंगाबाद टीम द्वारा जिला जेल के पास स्थित जिला पशु चिकित्सालय एवं पॉलीक्लीनिक पहुंचाया गया, जहां तुरंत सर्जरी की तैयारी शुरू की गई.
वेटनरी सर्जन ने किया जटिल ऑपरेशन: जिला पशु चिकित्सालय में वेटनरी सर्जन डॉ. सुभाष ने घायल गौह का सफल ऑपरेशन किया. डॉक्टर के अनुसार उसकी पूंछ की मांसपेशियां सड़ चुकी थीं और संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा था. ऐसे में पूंछ का क्षतिग्रस्त हिस्सा काटना ही एकमात्र विकल्प बचा था. जटिल सर्जरी के बाद गौह अब खतरे से बाहर है और विशेषज्ञों की निगरानी में रिकवर कर रही है.
पर्यावरण संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा: डॉं. सुभाष ने बताया कि, "अक्सर डर और अज्ञानता के कारण लोग ऐसे जीवों को नुकसान पहुंचा देते हैं, जबकि मॉनिटर लिजर्ड पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है." उन्होंने अपील की कि किसी भी वन्य जीव के दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद गौह को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा.
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पॉलीक्लीनिक: उपमंडलाधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि, "विभाग का लक्ष्य हर बीमार पशु को बेहतर इलाज देना है." वहीं, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. रविंद्र सहरावत ने जानकारी दी कि भिवानी पॉलीक्लीनिक में ट्यूमर, पेशाब रुकना, सिजेरियन डिलीवरी, जटिल हड्डी ऑपरेशन सहित गंभीर बीमारियों का आधुनिक इलाज किया जा रहा है. इससे पहले यहां कुतिया, सांप और कछुओं की दुर्लभ सर्जरी भी की जा चुकी है. यह अनोखी सर्जरी पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है.
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