बीजापुर एंटी नक्सल ऑपरेशन में सफलता, दो आईईडी और माओवादी डंप बरामद
बीजापुर एंटी नक्सल ऑपरेशन में सफलता, आईईडी और माओवादी डंप बरामद

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 29, 2025 at 5:17 PM IST
बीजापुर: नक्सल मोर्चे पर बीजापुर में फोर्स को बड़ी सफलता हासिल हुई है. 29 दिसंबर को कांडलापर्ती में सुरक्षाबलों की टीम एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकली थी. इस दौरान डिमाइनिंग कार्य के तहत कांडलापर्ती रोड पर फोर्स को नक्सलियों का प्लांट किया 5 किलो का आईईडी मिला. डिमाइनिंग की कार्रवाई में सीआरपीएफ 214 बटालियन और जिला बल की टीम शामिल थी.
मौके पर आईईडी को किया गया नष्ट
कांडलापर्ती रोड पर मिले आईईडी को सीआरपीएफ की बीडीएस टीम ने नष्ट किया है. IED को नष्ट करने के बाद सुरक्षाबलों के जवानों ने इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया. इस अभियान में नक्सलियों का बड़ा डंप भी मिला है. नक्सलियों के डंप की जानकारी इस प्रकार है.
- पटाखे/सुतली बम – 20 नग
- वायरलेस सेट की बैटरी
- मोबाइल बैटरी एवं चार्जर
- कार्डेक्स वायर एवं प्रेशर स्विच
- माओवादी वर्दी एवं अन्य सामग्री
- बिजली का तार
- विभिन्न टूल्स
- तिरपाल
- माओवादी दस्तावेज एवं अन्य माओवादी सामग्री
गंगालूर में मिला 10 किलो का आईईडी
बीजापुर मे सुरक्षाबलों को दूसरी कामयाबी गंगालूर इलाके में मिली है. यहां के मुनगा- पेद्दाकोरमा एरिया में डिमाइनिंग के दौरान फोर्स को 10 किलो का आईईडी मिला. समय रहते बीडीएस की टीम ने इस आईईडी को डिफ्यूज कर दिया. जिससे बड़ी नक्सल घटना की साजिश फेल हो गई. गंगालूर एरिया में सुरक्षाबलों की टीम लगातार सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई चल रही है.

बीजापुर के संवेदनशील एवं माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन और गश्ती अभियान चलाए जा रहे हैं. आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं. आगे भी इस तरह के संयुक्त अभियानों को तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण कायम किया जा सके- डॉक्टर जितेंद्र यादव, एसपी, बीजापुर
बड़ी नक्सल प्लानिंग फेल
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार बरामद आईईडी और डम्प से यह स्पष्ट होता है कि माओवादी लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय थे और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी कर रहे थे. यदि समय रहते IED बरामद नहीं किया जाता, तो इससे सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता था. सुरक्षा बलों की सतर्कता, सूझ-बूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते माओवादियों की इस नापाक साजिश को पूरी तरह विफल कर दिया गया. इस सफलता से न सिर्फ माओवादियों को बड़ा झटका लगा है, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों का मनोबल भी और मजबूत हुआ है.

