DSPMU में खेल विभाग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, आदिवासी छात्र संघ का प्रदर्शन
DSPMU में खेल विभाग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया.

Published : July 2, 2026 at 7:23 PM IST
रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में गुरुवार को आदिवासी छात्र संघ के बैनर तले छात्रों ने खेल विभाग में कथित अनियमितताओं और जांच में देरी के विरोध में प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और खेल विभाग से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि खेल विभाग में सामने आए कथित मामलों को लेकर संगठन पहले भी दो बार कुलपति को ज्ञापन सौंपा जा चुका है. इसके बावजूद अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है. छात्रों का आरोप है कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और जांच प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी खींची जा रही है.
आदिवासी छात्र संघ ने आरोप लगाया कि खेल विभाग में खिलाड़ियों के नाम पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं. इसके अलावा महिला खिलाड़ियों के साथ कथित शोषण के आरोपों की भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की गई. छात्रों का कहना है कि इन आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति का गठन तो किया, लेकिन करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. इससे छात्रों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि मामले को राज्यपाल के समक्ष भी उठाया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. उनका आरोप है कि जांच रिपोर्ट को जानबूझकर रोका जा रहा है और संबंधित शिक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. छात्रों ने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए.
छात्रों के अनुसार कई विद्यार्थियों ने जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा और लिखित शिकायतें भी सौंपीं. इसके बावजूद शिकायतकर्ताओं को अब तक किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है. उनका कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में छात्रों का विश्वविद्यालय प्रशासन पर भरोसा कमजोर हो रहा है.
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही. छात्रों ने मांग की कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.
आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की खेल विभाग से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर कहा कि हम पहले भी दो बार कुलपति को ज्ञापन दे चुके हैं. जांच समिति बने डेढ़ माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई. हमारी मांग है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए. जबकि छात्रा सीमा मुर्मू ने कहा कि कई छात्र-छात्राओं ने जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखा और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. विश्वविद्यालय को पारदर्शिता दिखाते हुए रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए और छात्रों को न्याय दिलाना चाहिए.
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