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हरिद्वार: BAMS छात्र की आत्महत्या पर स्टूडेंट्स का हंगामा, यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रबंधन पर लगाया गंभीर आरोप

हरिद्वार में BAMS छात्र की आत्महत्या से गुस्साए साथी छात्रों ने आज ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में जमकर हंगामा किया.

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BAMS छात्र की आत्महत्या (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 14, 2026 at 5:55 PM IST

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हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) छात्र की आत्महत्या को लेकर काफी हंगामा हुआ. गुस्साए छात्रों ने ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में समय से एग्जाम नहीं हो पा रहे हैं. इसलिए डिग्री पूरी होने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं. इस वजह से छात्र टेंशन में जा रहे है और इस तरह का कदम तक उठा रहे है.

दरअसल, बीते गुरुवार को एग्जाम देने के बाद शनिवार (7 फरवरी) को ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज हरिद्वार के BAMS सेंकेंड ईयर के छात्र यशपाल (उम्र 23) ने आत्महत्या कर दी थी. यशपाल ने अपनी जान देने से पहले एक नोट भी छोड़ा था. तभी से यशपाल की तलाश की जा रही थी. आज 14 फरवरी को यशपाल का शव गंगनगर से मिला, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा.

हरिद्वार: BAMS छात्र की आत्महत्या पर स्टूडेंट्स का हंगामा (ETV BHARAT)

छात्रों ने कॉलेज में की तालाबंदी: आक्रोशित छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में समय से एग्जाम नहीं हो पा रहे हैं इसलिए डिग्री पूरी होने में 6 से 7 साल तक लग रहे हैं. उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों के छात्र तनाव में है. हंगामा कर रहे छात्रों ने कॉलेज में तालाबंदी भी की है.

वहीं, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि मृतक छात्र का एग्जाम अच्छा नहीं हुआ था, जिसका तनाव वह नहीं झेल पाया. ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के हेड अनूप गक्खड़ का कहना है कि, छात्र का 2022 का एडमिशन है. सेंडर इयर का स्टूडेंट था. इसकी दो विषयों में सप्लीमेंट्री थी. सप्लीमेंट्री एग्जाम पेपर उसका अच्छा नहीं हुआ था. एग्जाम प्रक्रिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ये प्रोसेस विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित होता है. निर्देश वहां से आता है कि एग्जाम कब कराना है. विवि की जानकारी में भी है. थोड़ा टेक्निकल इश्यू ये भी रहा कि नए रूल में जांच दो बार हो रही है तो उसमें भी थोड़ा टाइम लग जाता है.

क्या है पूरा मामला? बीते शनिवार 7 फरवरी सुबह को यशपाल अपने कमरे से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा. परिजनों और परिचितों की चिंता बढ़ने पर जब उसके कमरे की तलाशी ली गई, तो वहां से एक नोट बरामद हुआ. नोट में यशपाल ने अपनी व्यथा व्यक्त की थी और हताशा का जिक्र किया था. तभी से उसकी खोजबीन चल रही थी, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा था.

पथरी पावर हाउस के पास मिला शव: एक हफ्ते बाद आज शनिवार को पथरी पावर हाउस के पास शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और कंट्रोल रूम सक्रिय हुए. खोजबीन के दौरान पथरी पावर हाउस के पास गंगा में एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान यशपाल के रूप में की गई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और गोरखपुर में रह रहे परिजनों को सूचित कर दिया गया है.

छात्रों में आक्रोश, जांच की मांग: यशपाल की मौत की खबर फैलते ही ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई. साथी छात्रों ने कॉलेज परिसर और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और किसी संभावित दबाव का पता चल सके.

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर मामला आत्महत्या का लग रहा है. फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले की गहनता से जांच की जा रही है.

आत्महत्या समाधान नहीं है: अगर किसी के भी मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, किसी मित्र के बारे में चिंतित हैं या इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है, तो आपकी बात सुनने के लिए स्नेहा फाउंडेशन को कॉल इस नंबर 04424640050 (उपलब्ध 24x7) करें. यहां हमेशा कोई न कोई मौजूद रहता है. इसके अलावा आप टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन - 9152987821 (सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध) भी कॉल कर सकते हैं.

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