बिहार मद्य निषेध सिपाही परीक्षा: पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षार्थियों का पथराव, IG समेत कई पुलिसकर्मी घायल
ट्रेन देरी और दूर सेंटर से नाराज परीक्षार्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रैक जाम कर पथराव किया. पुलिस ने लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की.

Published : June 14, 2026 at 9:18 AM IST
पटना: बिहार पुलिस मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों का गुस्सा रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा. सेंटर दूर होने और ट्रेनों के विलंब से नाराज बड़ी संख्या में छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन किया. कई छात्र ट्रैक पर लेट गए और परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया. हंगामे के कारण राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा.
पुलिस पर पथराव: हंगामा की सूचना मिलने पर रेल आईजी जितेंद्र राणा, रेल एसपी, आरपीएफ तथा जिला पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर ट्रैक खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोक-झोंक की स्थिति बन गई. इस दौरान उग्र छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे रेल आईजी जितेंद्र राणा समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए.
आंसू गैस छोड़ने और फायरिंग का आरोप: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तनावपूर्ण माहौल के बीच रेल आईजी जितेंद्र राणा हाथ में पिस्तौल लेकर पुलिस बल का नेतृत्व करते नजर आए. लंबे समय तक स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया तथा चेतावनी स्वरूप तीन राउंड फायरिंग भी की. इसके बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों को ट्रैक और स्टेशन परिसर से हटाया गया.

उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी: हंगामा को देखते हुए पाटलिपुत्र स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किए गए हैं. रेलवे प्रशासन प्रभावित ट्रेनों के परिचालन को सामान्य करने में जुटा है. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इस पूरी घटना पर यात्रियों और छात्रों ने अपनी बात रखी है.
परीक्षार्थियों का फूटा गुस्सा: परीक्षा देने आए एक परीक्षार्थी रामानुज पाठक ने कहा कि अररिया और कटिहार के लिए एक ही ट्रेन थी. पहली पाली वाले परीक्षार्थी ट्रेन में चढ़ने के लिए आए थे, लेकिन ट्रेन में पहले से भीड़ थी. चढ़ने गए तो जगह नहीं मिली. इसलिए सभी आक्रोशित हो गए कि ट्रेन को रोका जाए या फिर दूसरी ट्रेन की व्यवस्था की जाए ताकि परीक्षा देने जा सकें.

पुलिस ने भांजी लाठियां: भीड़ के उग्र होने की आंखों देखी बताते हुए परीक्षार्थी रामानुज पाठक ने कहा, "अपनी मांग को लेकर यहां पर कुछ परीक्षार्थी पथराव करने लगे. मारपीट करने लगे. इससे पुलिस भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस ने लाठी-डंडा भी चलाया. मेरी भी परीक्षा थी." इस हिंसक टकराव के कारण कई निर्दोष छात्रों की परीक्षाएं भी दांव पर लग गईं.

ट्रेन में जगह न मिलने से छूटी परीक्षा: हंगामे में शामिल परीक्षार्थी कन्हैया ने बताया कि स्टेशन पर 10 से 15 हजार परीक्षार्थी मौजूद थे. ट्रेन पहले से पूरी तरह भरी हुई आई थी, जिसके कारण दानापुर और पाटलिपुत्र स्टेशन पर मौजूद हजारों छात्र गाड़ी में नहीं चढ़ पाए. कन्हैया ने कहा, "ट्रेन में नहीं चढ़ पाए तो धरना प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान पथराव हुआ तो पुलिस ने गोली भी चलायी है. ट्रेन के कारण हमलोगों की परीक्षा छूट गयी. हमलोग चाहते हैं कि परीक्षा रद्द की जाए."
क्या कहते हैं पदाधिकारी?: पटना के जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ थी और पुलिस द्वारा लगातार अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था. लेकिन, कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी. उन्होंने कहा कि हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी. फिलहाल स्थिति सामान्य है.

"इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं. उपद्रव और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है." -जितेंद्र राणा, जोनल आईजी, पटना रेल
4,210 पदों के लिए परीक्षा आज से शुरू: केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित यह लिखित परीक्षा राज्य के 38 जिलों में शुरू हो चुकी है. कुल 4,210 पदों के लिए एक लाख से अधिक अभ्यर्थी दौड़ में हैं. इसमें मद्य निषेध सिपाही के 1685, कक्षपाल के 2417 और चलंत दस्ता सिपाही के 108 पद शामिल हैं. इसके लिए बोर्ड को लाखों आवेदन मिले थे, जिसमें से फॉर्म सही तरीके से न भरने और तकनीकी कमियों के कारण 39,832 आवेदनों को खारिज कर दिया गया.
दो शिफ्टों में परीक्षा का आयोजन: लिखित परीक्षा दो घंटे की अवधि की है. पहली शिफ्ट सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसके लिए रिपोर्टिंग टाइम सुबह 8 बजे तय था. इसके बाद दूसरी शिफ्ट दोपहर 15:00 बजे से शाम 17:00 बजे तक चलेगी. परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले प्रवेश बंद कर दिया गया है. प्रयुक्त ओएमआर शीट को सील बंद कराने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति होगी.
गैजेट्स ले जाने पर रोक: परीक्षा परिसर के भीतर ब्लूटूथ, वाई-फाई डिवाइस, मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह वर्जित है. यदि कोई उम्मीदवार प्रतिबंधित सामग्री या अनुचित साधनों के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ बिहार लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 एवं भारतीय न्याय संहिता, 2024 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस बहाली प्रक्रिया का अगला चरण 17 जून 2026 को आयोजित होगा.
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