रांची के सेंट्रल लाइब्रेरी में छात्रों का हंगामा, पेयजल और वाई-फाई सुविधा को लेकर विवाद
रांची के केंद्रीय पुस्तकालय में पेयजल और वाई-फाई की सुविधा को लेकर छात्रों ने हंगामा किया.

Published : February 20, 2026 at 5:41 PM IST
रांची: राजधानी स्थित झारखंड खेल प्राधिकरण द्वारा संचालित साझा केंद्रीय पुस्तकालय में उस समय माहौल गरमा गया, जब विद्यार्थियों और पुस्तकालय प्रबंधन के बीच तीखी बहस हो गई. पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से नाराज छात्रों ने पुस्तकालय परिसर के बाहर विरोध जताया. जिसके बाद कुछ देर तक परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही.
हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि पुस्तकालय में मूलभूत सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. उनका कहना है कि हाल ही में मासिक शुल्क 250 से बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया लेकिन इसके अनुपात में सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ. छात्रों के अनुसार न तो नियमित पेयजल की व्यवस्था है और न ही वाई-फाई कनेक्टिविटी सही तरीके से काम कर रही है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि इंटरनेट सुविधा पढ़ाई के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया.
फीस बढ़ोतरी पर व्यवस्था भी होनी चाहिए: छात्र
आक्रोशित छात्रों ने सरकारी व्यवस्थाओं को कोसते हुए कहा कि जब फीस में बढ़ोतरी की जाती है तो सुविधाएं भी उसी स्तर की मिलनी चाहिए. छात्रों का आरोप है कि गर्मी और भीड़ के बीच पीने के पानी का पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना गंभीर लापरवाही है. कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि पुस्तकालय के केयरटेकर, लाइब्रेरियन और अन्य कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक नहीं है. शिकायत करने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता. जिससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है.
छात्रों का आरोप निराधार है: लाइब्रेरी प्रबंधक
इस पूरे मामले पर पुस्तकालय प्रबंधन ने छात्रों के आरोपों को निराधार बताया है. प्रबंधन का कहना है कि पेयजल की समस्या अस्थायी थी. जिसे तुरंत दूर कर दिया गया. वाई-फाई कनेक्टिविटी में तकनीकी कारणों से थोड़ी देर के लिए बाधा आई थी लेकिन उसे भी ठीक कर लिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि कुछ छात्र छोटी-छोटी बातों पर अनावश्यक हंगामा करते हैं. जिससे पढ़ाई कर रहे अन्य विद्यार्थियों को परेशानी होती है. प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि पुस्तकालय में सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. फीस में बढ़ोतरी रखरखाव और अन्य आवश्यक खर्चों को ध्यान में रखकर की गई है.
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