जीपीएम में छात्र ने की जान देने की कोशिश, स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से था निराश
छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 22, 2026 at 10:34 AM IST
गौरेला पेंड्रा मरवाही: पेंड्रा विकासखंड में छात्र ने निराशा में आकर जान देने की कोशिश की. परिवार वालों का कहना है कि पीड़ित छात्र को नवीं कक्षा में एडमिशन नहीं मिल रहा है, इस वजह से वो तनाव में है और उसी तनाव की वजह से उसने ये घातक कदम उठाया. छात्रा का इलाज अस्पताल में जारी है. डॉक्टरों ने बताया कि वो खतरे से बाहर है लेकिन उसको डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है.
छात्र ने उठाया घातक कदम
परिजनों का कहना है कि छात्र ने इस साल आठवीं कक्षा की परीक्षा दी और वो पास भी हो गया. आगे की पढ़ाई के लिए वो कोड़गार हाई स्कूल में प्रवेश लेना चाहता था. छात्र का एडमिशन प्रोसेस चल रहा था लेकिन कोई जरूरी दस्तावेज नहीं होने के चलते छात्र का एडमिशन रुक गया. इस बात का सदमा छात्र को लगा और उसने जान देने की कोशिश की. परिजनों ने बताया कि एडमिशन के लिए जो दस्तावेज बनाने थे उसे बनाने की कोशिश भी की गई लेकिन सफलता नहीं मिली.
एडमिशन के लिए एक जरूरी कागज मांगा गया था जिसे बनवाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अफसोस को वहीं कागज नहीं बन पाया. जिस वक्त छात्र ने ये कदम उठाया उस वक्त वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था. जब हमने उसकी तबीयत बिगड़ती देखी तब हमने उससे पूछताछ की. तब उसने बताया कि उसने जान देने की कोशिश की है. हम इलाज के लिए उसे यहां लेकर आए हैं: पीड़ित छात्र की मां
छात्र की हालत फिलहाल स्थिर है. हमने उसे अपनी निगरानी में रखा है. उम्मीद है बच्चा जल्द ठीक हो जाएगा: डॉ प्रशांत रात्रे, चिकित्सक, जिला चिकित्सालय
दस्तावेज संबंधी प्रक्रियाओं को सरल करने की मांग
वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी ली जा रही है. हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्र किस विशेष दस्तावेज के अभाव में प्रवेश नहीं ले पा रहा था और वह दस्तावेज समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो सका. इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में दस्तावेज संबंधी प्रक्रियाओं और विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्कूल प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया जाए तथा विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी छात्र को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े.
आत्महत्या नहीं है समाधान
यदि आपके मन में कभी निराशा में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, या आप किसी मित्र के बारे में चिंतित हैं, या आपको भावनात्मक समर्थन की जरूरत है, तो ऐसे में कोई है जो हमेशा आपकी बात सुनने के लिए मौजूद है. स्नेहा फाउंडेशन को कॉल करें- 04424640050 (24x7 उपलब्ध) या आईकॉल, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन - 9152987821 (सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध).
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