जंतर-मंतर के आंदोलन के समर्थन में रांची में छात्र संगठनों का प्रदर्शन, लोकभवन का किया जाएगा घेराव
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर रांची में विभिन्न छात्र संगठन लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे.


Published : July 3, 2026 at 8:15 PM IST
रांची: केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा समेत विभिन्न छात्र संगठन 6 जुलाई को रांची के लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे. सीपीआई माले कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के अनुसार, यह विरोध दिल्ली में जारी कॉकरोच जनता पार्टी के अनिश्चितकालीन धरने के समर्थन में किया जा रहा है.
आइसा (AISA) के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए (NTA) को भंग करने की मांग को लेकर 6 जुलाई को रांची के लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया जाएगा. इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहीं आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा और उनके साथियों को भी आमंत्रित किया गया है.
इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्र संगठन झारखंड में क्लस्टर सिस्टम के जरिए उच्च शिक्षा को प्रभावित करने की कोशिशों, फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) को लागू करने के फैसलों का कड़ा विरोध करेंगे.
उन्होंने कहा कि क्लस्टर सिस्टम का पुरजोर विरोध करना जरूरी है क्योंकि यह सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल और लोन-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देता है और विषय चुनने की आजादी को सीमित करता है. इससे ग्रामीण, महिला, आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा, साथ ही ड्रॉपआउट दर भी बढ़ेगी. यह छात्रों के खिलाफ एक नीति है जो सार्वजनिक शिक्षा को कमजोर करती है और छात्रों को महंगे प्राइवेट संस्थानों की ओर धकेलती है. इसलिए, क्लस्टर सिस्टम को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.
AISA के छात्र नेता ने कहा कि देश भर में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों की बार-बार होने वाली घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है. कई भर्ती व प्रवेश परीक्षाएं विवादों में घिरी हुई हैं. हाल के वर्षों में NEET और CUET जैसी परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं, साथ ही JEE Advanced 2026 में डाटा एक्सपोजर की घटना भी हुई, जहां गलत क्लाउड कॉन्फिगरेशन के कारण कुछ उम्मीदवारों के रिकॉर्ड और एडमिट कार्ड तक पहुंच बन गई थी.
उन्होंने कहा कि झारखंड भी इस समस्या से अछूता नहीं है. JSSC CGL, JPSC-JET, JSSC JE, कॉन्स्टेबल भर्ती और JAC कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं सहित कई परीक्षाओं के संबंध में पेपर लीक या गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं. हम पेपर लीक के खिलाफ़ कड़े कानूनों को लागू करने, दोषियों को कड़ी सज़ा देने और एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग करते हैं.
त्रिलोकीनाथ ने कहा कि झारखंड में लाखों अभ्यर्थी सालों से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं, फिर भी कई भर्ती प्रक्रियाएं लंबित पड़ी हैं. JSSC JE, LDC/क्लर्क, सहायक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, आबकारी कॉन्स्टेबल, जेल गार्ड, पुलिस कॉन्स्टेबल, JPSC और JTET जैसे पदों के लिए भर्ती अभियान सालों से रुके हुए हैं. राज्य सरकार नियमित भर्ती और शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने में विफल रही है, जबकि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भी लाखों पद खाली पड़े हैं. हम मांग करते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें सभी खाली पदों के लिए समयबद्ध, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएं शुरू करें और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करें.
उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), जो देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में लगातार विफल रही है. पेपर लीक, गड़बड़ियों और कुप्रबंधन ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है. जवाबदेही तय की जानी चाहिए, दोषियों के ख़िलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, और NTA की जगह एक अधिक पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए.
इन मांगों को लेकर चल रहे देशव्यापी आंदोलन के तहत, 6 जुलाई को रांची में छात्रों और युवाओं की ओर से एक विशाल मार्च और राजभवन का घेराव किया जाएगा. इस विरोध प्रदर्शन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, क्लस्टर सिस्टम को खत्म करने, पेपर लीक रोकने, रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को तुरंत शुरू करने और छात्र-विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांगें उठाई जाएंगी.
यह भी पढ़ें:
DSPMU में खेल विभाग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, आदिवासी छात्र संघ का प्रदर्शन
स्कूल में छात्रा को निष्कासित करने पर विवाद: नोज रिंग को लेकर कार्रवाई के बाद एबीवीपी का प्रदर्शन
CJP का शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन हुआ तेज, बेंगलुरु में भी विरोध-प्रदर्शन

