देवघर में देवेंद्र नाथ महतो की सरकार को चेतावनी, बोले- हमारी मांगें नहीं मानी गई तो होगा चक्का जाम
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा सोमवार को देवघर पहुंची. हितेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट.

Published : August 31, 2026 at 6:30 PM IST
देवघर: झारखंड में सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है. इसी कड़ी में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की ओर से निकाली गई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा सोमवार को देवघर पहुंची.
राज्य के सभी जिलों का भ्रमण करते हुए यह यात्रा संथाल परगना के विभिन्न जिलों से होकर देवघर पहुंची. दरअसल, सरकारी परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले दिनों राजधानी रांची में छात्रों ने बड़ा आंदोलन किया था. आंदोलन के बाद सरकार ने कई प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया और मामले में सीआईडी जांच की जा रही है.
नेमरा गांव से शुरू हुई परीक्षा सुधार यात्रा
देवघर पहुंचने के बाद यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने बताया कि परीक्षा सुधार यात्रा की शुरुआत रामगढ़ के नेमरा गांव से की गई थी. नेमरा गांव झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पैतृक गांव है. उन्होंने कहा कि इसी गांव से शुरू हुई यात्रा राज्य के सभी जिलों तक पहुंच रही है.
संथाल परगना के पाकुड़, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और जामताड़ा का दौरा पूरा करने के बाद यात्रा देवघर पहुंची. देवघर में स्थानीय कार्यकर्ताओं और छात्र संगठन से जुड़े लोगों ने देवेंद्र महतो का स्वागत किया और यात्रा को अपना समर्थन देने की बात कही.
JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा नगर लाइब्रेरी देवघर।#JharkhandStudentProtest pic.twitter.com/XuDdKLRfsq
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 31, 2026
आंदोलन के बाद सरकार ने छात्रों की मांगें मानी
देवेंद्र महतो ने बताया कि रांची में विधानसभा घेराव आंदोलन के बाद जेपीएससी अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया गया. उन्होंने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मंत्रियों ने उनकी कई मांगों को मानने का काम किया.
हालांकि, उन्होंने कहा कि इन कदमों के बावजूद राज्य के छात्र पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. उनका आरोप है कि झारखंड में छोटी-बड़ी सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया में अनियमितता और कथित खरीद-बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं.
स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता देने की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड में स्थानीय नीति और मूलवासी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार का अवसर मिलना चाहिए. गरीब और आदिवासी परिवारों से आने वाले युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए.
उन्होंने परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर राज्य भर में भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकाली जा रही है. उन्होंने दावा किया कि यात्रा को छात्रों और आम लोगों का समर्थन मिल रहा है.
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा उग्र
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पिछले कई दिनों से वह संथाल परगना के अलग-अलग जिलों में छात्रों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझ रहे हैं. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले समय में छात्रों की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पूरे राज्य में चक्का जाम और झारखंड बंद जैसे आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा और वे इससे पीछे नहीं हटेंगे. वहीं छात्रों से मुलाकात करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो, जरमुंडी विधायक के आवास पर हुए रसोइया सोनू राउत की मौत को लेकर उनके परिजनों से भी मुलाकात की.
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