CJI सूर्यकांत को राखी बांधने वाली यह लड़की कौन है? जिसे मुख्य न्यायाधीश ने दिया उपहार, जानें
बिहार की बेटी नूर आयशा खान ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को अपने हाथों से राखी बांधी. रिपोर्ट- सरताज अहमद

Published : August 25, 2026 at 12:22 PM IST
गया : बिहार के गया की बेटी नूर आयशा खान ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को राखी बांधा है. कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे बिहार के गया जिले के इमामगंज के कोठी थाना क्षेत्र की नूर आयशा रहने वाली हैं. ये पहला अवसर है जब देश की सबसे बड़ी अदलत के मुख्य न्यायाधीश को इमामगंज क्षेत्र की किसी बेटी ने राखी बांधी है. परिवार ही नहीं पूरा क्षेत्र गौरवान्वित हो रहा है.
CJI को गया की नूर ने बांधी राखी : नूर आयशा भी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को राखी बांध कर फक्र महसूस कर रही हैं. नूर आयशा के पिता रियासत नवाज खान उर्फ छूटन खान क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जबकि मां महरे अंगेज खानम बिकोपुर पंचायत की मुखिया हैं.

दिल्ली में पढ़ती है नूर आयशा : नूर आयशा ने सीजीआई को राखी बांधने के अनुभव को अपने जीवन के लिए एक बेहद गौरव का क्षण बताया है. इससे माता-पिता भी काफी खुश हैं. दरअसल नूर आयशा दिल्ली के आरके पुरम में स्थित डीपीएस स्कूल की छात्रा है. स्कूल की ओर से ही नूर आयशा का चयन मुख्य न्यायाधीश को राखी बांधने के लिए अवसर मिला था.
न्यायाधीश ने दिया उपहार: पिता छोटन खान ने बताया कि उनकी बेटी नूर आयशा को न्यायाधीश के आधिकारिक आमंत्रण पर मिलने का अवसर मिला था. जिसमें बेटी ने न्यायाधीश की कलाई पर राखी बांधी है. परिवार के लिए या सुखद एहसास का पल है, न्यायाधीश की ओर से उसे गिफ्ट भी मिला है.
"हम लोग एक साधारण पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले हैं. यह हमारे लिए बड़ी बात है कि देश के मुख्य न्यायाधीश से न सिर्फ मिलने का अवसर मिला बल्कि न्यायाधीश की कलाई पर राखी बांधने का भी अवसर मिला है. एक पिता होने के नाते मेरे लिए गौरव के क्षण हैं. पूरा परिवार इससे खुश है. देश के माननीय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी का भी धन्यवाद की उन्होंने मेरी बेटी को राखी बांधने के लिए आमंत्रित किया है."- रियासत नवाज खान उर्फ छोटन खान, नूर आयशा के पिता
'बेटी पढ़ने में तेज है' : नूर आयशा की मां मुखिया माहरे अंगेज खानम ने कहा कि एक छोटी जगह से निकल कर मुख्य न्यायाधीश का निमंत्रण पाना आसान नहीं है. उनकी बेटी ने ये सफलता प्राप्त किया है. वो पढ़ने लिखने में बचपन से तेज थी, इसलिए अच्छी शिक्षा के लिए उसे दिल्ली में स्थित डीपीएस स्कूल में रख कर पढ़वा रहे हैं.

"हमें भरोसा है कि बेटी एक दिन देश की सेवा में अपना नाम रोशन करेगी. इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है."- मुखिया माहरे अंगेज खानम, नूर आयशा की मां
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