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छात्रावास में छात्र ने दी जान, घातक कदम उठाने से पहले पिता को किया फोन, कही थी ये बात

परिजनों का आरोप है कि छात्रों को मिली इनामी राशि कुछ लोग जबरन उससे निकलवाना चाहते थे.

STUDENT DIES BY SUICIDE
छात्रावास में छात्र ने दी जान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : March 15, 2026 at 1:50 PM IST

5 Min Read
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एमसीबी: कोरिया जिले के कटगोड़ी स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में छात्र ने तनाव में आकर जान दे दी. छात्र की मौत से उसके साथी सदमे में हैं. छात्र की मौत के बाद से हॉस्टल प्रबंधन भी सवालों के घेरे में आ गया है. छात्र ने घातक कदम उठाने से पहले अपने पिता से फोन पर बात की थी. छात्र लगातार अपने पिता से एक ही बात कह रहा था कि उसे घर बुला लिया जाए. पिता ने भी बेटे को समझाते हुए कहा था कि अगली सुबह वो खुद उसे लेने के लिए हॉस्टल आएंगे. लेकिन छात्र को न जाने क्या हुआ उसने रात के वक्त अपनी जान दे दी. बेटे की मौत के बाद से पूरा परिवार और हॉस्टल के बच्चे सदमे में हैं.

छात्रावास में छात्र ने दी जान

परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों और छात्र हितों के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहता था. होली के दौरान जब वह घर आया था, तब उसने परिवार को बताया था कि छात्रावास अधीक्षक और एक कर्मचारी उस पर फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती गई करीब 1 लाख की पुरस्कार राशि बैंक से निकलवाने का दबाव बना रहे हैं. परिजनों के मुताबिक सुरेश का कहना था कि यह राशि पूरी टीम की है और इसे खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में खर्च किया जाना चाहिए. इसी कारण वह पैसे निकालने का विरोध कर रहा था.

छात्रावास में छात्र ने दी जान (ETV Bharat)

परिवार का आरोप है कि इसी बात को लेकर छात्रावास प्रबंधन उससे नाराज था. परिजनों ने यह भी बताया कि सुरेश छात्रावास की कुछ अव्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाता रहता था. इसी सिलसिले में वह शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी गया था. आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षक ने नाराजगी जताई और ज्यादा बोलने वाले छात्रों की सूची बनाकर उन्हें फेल कराने तक की धमकी दी थी.

सोनहत एसडीएम पहुंचे छात्रावास

हॉस्टल में छात्र के जान देने की सूचना मिलते ही सोनहत एसडीएम अनसुल वर्मा छात्रावास पहुंचे और कई घंटों तक अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि होली की छुट्टी के बाद घर से लौटने के बाद से सुरेश कुछ गुमसुम रहने लगा था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी.

घटना पर जताया दुख, जांच की मांग

वहीं इस मामले में सांसद प्रतिनिधि अविनाश पाठक ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी बहुल राज्य में, जहां प्रदेश का नेतृत्व भी आदिवासी वर्ग से है, वहां किसी आदिवासी छात्र का छात्रावास में इस तरह जान देना बेहद गंभीर विषय है. उन्होंने पूरे मामले की सूक्ष्म और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके. फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था.

मेरा भाई पढ़ने लिखने और खेल कूद में काफी तेज था. फुटबॉल खेलने में उसकी काफी रुचि थी. फुटबॉल के खेल में उसकी टीम को करीब 1 लाख का इनाम भी मिला था. कुछ लोग इनाम की राशि उससे निकलवाना चाहते थे. हॉस्टल में कमियों को लेकर वो शिकायत करने भी गया था. इस बात से हॉस्टल प्रबंधन काफी नाराज था: मुकेश सिंह, मृतक के परिजन

आदिवासी राज्य में इस तरह से एक आदिवासी बच्चे को अपनी जान देनी पड़ी ये दुर्भाग्य की बात है. ये बेहद गंभीर मामला है. पूरे तथ्यों की जांच होनी चाहिए. जो भी इसमें दोषी हो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए: अविनाश पाठक, सांसद प्रतिनिधि

छात्रों से हमने बात की है. अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. हम इस संवेदनशील मामले के हर पहलू को देख रहे हैं: अनसुल वर्मा, एसडीएम सोनहत

आत्महत्या नहीं है समाधान

यदि आपके मन में कभी निराशा में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, या आप किसी मित्र के बारे में चिंतित हैं, या आपको भावनात्मक समर्थन की जरूरत है, तो ऐसे में कोई है जो हमेशा आपकी बात सुनने के लिए मौजूद है. स्नेहा फाउंडेशन को कॉल करें- 04424640050 (24x7 उपलब्ध) या आईकॉल, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन - 9152987821 (सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध).

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