तराई पश्चिमी फॉरेस्ट डिविजन में पहली बार दिखा स्ट्राइप्ड हाइना, कैमरा ट्रैप में रिकॉर्ड हुई मूवमेंट
यह प्रजाति तराई पश्चिमी के हाथी डांगर टूरिज्म जोन और फ़ाटो टूरिज्म जोन के आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूवमेंट करती दिखाई दे रही है

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 5:22 PM IST
रामनगर: तराई पश्चिमी वन प्रभाग के लिए बेहद सुखद और महत्वपूर्ण खबर है. प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने बताया पहली बार इस क्षेत्र में स्ट्राइप्ड हाइना यानी धारीदार लकड़बग्घा की मौजूदगी दर्ज की गई है. इससे पहले कई वर्षों पूर्व यह प्रजाति कालागढ़ टाइगर रिजर्व में देखी गई थी. एक बार रामनगर वन प्रभाग के हाथी गलियारा क्षेत्र में इसकी मूवमेंट रिकॉर्ड हुई है.
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने बताया हाल ही में चल रहे टाइगर सेंसस के दौरान लगाए गए कैमरा ट्रैप में यह दुर्लभ वन्यजीव एक दिन कैप्चर हुआ है. इसके बाद विभाग ने रिकॉर्ड को बार-बार चेक किया. गहन पड़ताल में जनवरी से अब तक कई बार धारीदार लकड़बग्घा के कैमरा ट्रैप में कैद होने के प्रमाण मिले हैं. यह इस क्षेत्र के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत हैं.
डीएफओ ने कहा यह प्रजाति तराई पश्चिमी के हाथी डांगर टूरिज्म जोन और फ़ाटो टूरिज्म जोन के आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूवमेंट करती दिखाई दे रही है. इससे न केवल वन्यजीवों की समृद्धि का संकेत मिलता है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक बड़ा आकर्षण बन सकता है. यदि किसी पर्यटक को इसकी साइटिंग होती है तो यह पर्यटन की दृष्टि से भी खास उपलब्धि होगी.
उन्होंने यह भी बताया धारीदार लकड़बग्घा को संवेदनशील श्रेणी (एंडेंजर्ड) में रखा गया है. ऐसे में इसका इस क्षेत्र में बार-बार दिखाई देना वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है. यह रिकॉर्ड तराई पश्चिमी के जैव विविधता परिदृश्य के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है.
स्ट्राइप्ड हाइना धारीदार लकड़बग्घे की एक प्रजाति है. यह अफ्रीका और मध्य भारत में पाया जाता है. स्ट्राइप्ड हाइना जानवरों को खाने वाला मांसाहारी स्तनधारी जीव है. स्ट्राइप्ड हाइना अपने मजबूत जबड़ों के लिए जाना जाता है. स्ट्राइप्ड हाइना अपने जबड़ों से किसी की भी हड्डी को आसानी से तोड़ सकता है.
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