हरियाणा में तहसीलदारों की हड़ताल जारी, निराश होकर कार्यालयों से बिना काम ही वापस लौट रहे लोग
हरियाणा राज्य में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है.

Published : February 9, 2026 at 8:57 PM IST
रोहतकः हरियाणा सरकार द्वारा तहसीलदारों पर की गई कार्रवाई से खफा हरियाणा के तहसीलदार पेन डाउन हड़ताल पर चले गए हैं. ऐसे में लोग तहसील में बिना काम पूरा हुए ही वापस लौट रहे हैं. रोहतक में लगभग 300 रजिस्ट्री पेंडिंग पड़ी हुई है. हालांकि सरकार ने इसके लिए विकल्प जरूर बना दिया लेकिन लोगों के काम प्रभावित हो गए हैं और तहसील में कुर्सियां खाली पड़ी हुई है.
तहसीलदारों पर जमीन घोटाले में की गई है कार्रवाईः हरियाणा में जमीन घोटाले में तहसीलदारों पर की गई सख्त कार्रवाई से खफा प्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार पेन डाउन हड़ताल पर चले गए हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों को आ रही है. इससे सरकार को भी प्रतिदिन आर्थिक घाटा हो रहा है. पिछले दिनों से हड़ताल पर गए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के कारण लोग बिना काम करवाए ही वापस लौट रहे हैं.
रोहतक में 300 रजिस्ट्रियां पेंडिंगः ऐसे में लोगों का कहना है कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अकेले रोहतक की बात की जाए तो करीबन 300 रजिस्ट्रियां पेंडिंग पड़ी हुई है. हड़ताल के कारण तहसील परिसर सुनसान पड़ा हुआ है. कुर्सियां खाली पड़ी हुई है और लोग इस उम्मीद में तहसील में आ रहे हैं ताकि उनका काम सुचारू रूप से हो सके. लेकिन लोगों को खाली हाथ ही वापस जाना पड़ रहा है.
तीन दिनों से तहसील का काट रहे हैं चक्करः मकड़ौली कला गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि "उन्हें क्रेडिट कार्ड पर लोन लेना था, जिसमें तहसीलदार के साइन जरूरी थे. हड़ताल पर चले जाने के कारण तहसीलदार के साइन नहीं हो पाए." उन्हें स्ट्राइक का भी पता नहीं था. वह पिछले तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं जिसके कारण उनका काम पेंडिंग पड़ा हुआ है.
सरकार को रोजना करोड़ों का नुकसानः वहीं दूसरी और तहसील में बैठे नंबरदार प्रेम सिंह और सुरेश कुमार का कहना है कि "कोई भी काम नहीं हो रहा है. लोग वापस अपने घरों पर जा रहे हैं. नंबरदारों ने कहा कि बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति रजिस्ट्री के लिए आ रहे हैं लेकिन हड़ताल होने के चलते वापस लौट रहे हैं. ऐसे में उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा कई प्रकार का प्रमाण पत्र और एफिडेविट के काम भी नहीं हो रहे हैं, जिससे लोग काफी परेशान हैं." ऐसे में सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द इस मामले को निपटाया जाए. गौरतलब है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के स्ट्राइक पर चले जाने से सरकार को भी करोड़ों रुपए का रेवेन्यू का घाटा हो रहा है.

