उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर कड़ा नियम, जूनियर-सीनियर छात्रों के बीच संपर्क होगा कम
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में रैगिंग पर सख्ती, पीजी हॉस्टल की व्यवस्था बदली, राज्य में लागू होगी ये व्यवस्था

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 19, 2026 at 4:23 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. कॉलेज प्रबंधन ने न केवल अनुशासन को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है, बल्कि पीजी हॉस्टल की पूरी व्यवस्था में बदलाव करने की दिशा में भी ठोस पहल शुरू कर दी है.
इसी कड़ी में हॉस्टल के 28 कमरों को नए सिरे से शिफ्ट और पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा. ताकि, जूनियर और सीनियर छात्रों के बीच अनावश्यक संपर्क कम हो और रैगिंग जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके. वहीं, मामले में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का कहना है रैगिंग रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.
दरअसल, हाल ही में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में रैगिंग से जुड़ी कुछ घटनाएं सामने आई थी. जिनमें जूनियर छात्रों ने सीनियरों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे. इन घटनाओं के बाद कॉलेज प्रशासन और एंटी-रैगिंग कमेटी हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की.
जांच के दौरान कुछ छात्रों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की गई. इस पूरे घटनाक्रम ने कॉलेज प्रशासन को हॉस्टल व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया. इसी के तहत अब पीजी हॉस्टल में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं.
अलग-अलग फ्लोर या ब्लॉकों में रहेंगे जूनियर और सीनियर: जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल के 28 कमरों को नए सिरे से आवंटित किया जाएगा और छात्रों की रहने की व्यवस्था इस तरह बनाई जाएगी कि जूनियर और सीनियर अलग-अलग फ्लोर या ब्लॉकों में रहें. इसके साथ ही हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने किया जाएगा.
सीसीटीवी कैमरों की बढ़ाई जाएगी संख्या: इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और वार्डन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी. कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से छात्रों के बीच अनुशासन बना रहेगा और रैगिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा.
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्रचार्य डॉ. गीता जैन ये भी स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. खासतौर पर प्रथम वर्ष के छात्रों को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
इसके लिए एक मजबूत शिकायत तंत्र भी विकसित किया जा रहा है, जहां कोई भी छात्र बिना डर के अपनी समस्या दर्ज करा सकें. प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की रैगिंग या अनुशासनहीनता की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें. ताकि, समय रहते कार्रवाई की जा सके.
इसके अलावा कॉलेज प्रबंधन ने सख्त चेतावनी दी है कि रैगिंग जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें निलंबन, हॉस्टल से निष्कासन और अकादमिक स्तर पर भी सजा शामिल हो सकती है.
प्रशासन का कहना है कि शिक्षा के इस प्रतिष्ठित संस्थान में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है. इसके साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. ऐसे में माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से कॉलेजों में रैगिंग पर कुछ हद तक लगाम लगेगी.
क्या था मामला? दरअसल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के 2025 बैच के छात्रों ने 2023 बैच के एक सीनियर छात्र पर डराने और धमकाने का आरोप लगाया था. शिकायत में उनका कहना था उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है. जिसकी शिकायत उन्होंने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से की थी.
वहीं, दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए एमबीबीएस के 9 छात्रों को अकादमिक गतिविधियों से 3 महीने के लिए निष्कासित कर दिया गया. इनमें से 2 छात्रों पर 50-50 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाने के साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी परमानेंट निष्कासित कर दिया गया.
बता दें कि बीते कुछ सालो में देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर जैसे मेडिकल कॉलेज के अलावा अन्य कॉलेजों से भी रैगिंग के मामले सामने आएं हैं. कैबिने मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि देहरादून हो या श्रीनगर या अन्य जगह, दोषी छात्रों को बख्शा नहीं है. जुर्माने के साथ-साथ अन्य कार्रवाई भी की है. आगे भी कुछ नई व्यवस्थाएं इसकी रोकथाम के लिए बनाई जा रही है.
फिलहाल, देहरादून के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन के उठाए गए कदम को ठोस माना जा रहा है. नई हॉस्टल व्यवस्था और मजबूत निगरानी तंत्र से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में छात्रों को सुरक्षित अनुशासित व सकारात्मक शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा.
ये भी पढ़ें-
- दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामलों के बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने किया निरीक्षण, छात्रों को दिलाया भरोसा
- कड़े नियमों के बाद भी शिक्षण संस्थानों में क्यों नहीं रुक रही रैगिंग? उत्तराखंड में सामने आए मामलों पर एक्शन
- फिर चर्चाओं में दून मेडिकल कॉलेज, जूनियर छात्रों ने सीनियर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, प्रशासन ने किया निष्कासित
- दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामला: 9 छात्र निष्कासित, 50 हजार का जुर्माना भी लगा, पढ़िए डिटेल
- दून मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामला, दो छात्र हॉस्टल से निष्कासित, एक्शन में स्वास्थ्य मंत्री
- दून मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्र के साथ रैगिंग, सीनियर्स पर मारपीट का आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित

