रींगस में आवारा श्वानों का आतंक: बच्चे पर हमला, बचाने आए दो लोगों को काटा, CCTV में कैद घटना
श्वानों ने बच्चे का हाथ नोचा. छुड़ाने आई महिला के होठ बुरी तरह काट लिए. घटना से क्षेत्र में दहशत है.

Published : June 22, 2026 at 1:52 PM IST
सीकर: जिले में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ रहा है. जिलेभर में डॉग बाइट और श्वानों के हमलों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं. इसी बीच रींगस उपखंड क्षेत्र से आवारा श्वानों के झुंड के एक बच्चे समेत तीन लोगों पर हमले का वीडियो सामने आया है. घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका फुटेज अब सामने आया है. घटना रविवार सुबह रींगस के वार्ड नंबर 17 स्थित खजूर वाले बालाजी मंदिर के पास हुई, जहां घर के बाहर मौजूद लोगों पर आवारा श्वानों ने अचानक हमला बोल दिया. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह श्वानों को भगाया एवं घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
पार्षद मोतीराम कुमावत ने बताया कि श्वानों ने एक बच्चे का हाथ नोच लिया. एक महिला के होठ बुरी तरह काट लिए. घटना के बाद क्षेत्र में दहशत है. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि श्वान अचानक दौड़कर आते हैं और बच्चे पर हमला कर रहे हैं. बीच बचाव करने वाले एक युवक और महिला को भी श्वानों ने निशाना बना लिया. श्वानों ने पास के बाड़े में बंधे मवेशियों को भी निशाना बनाया. स्थानीय लोगों का कहना है, क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया.
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पालिका प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई: पार्षद कुमावत ने बताया कि कस्बे में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. कई बार संबंधित विभाग और नगरपालिका प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा श्वानों पर नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा श्वानों के आतंक से बचाव के लिए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, और बस स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा श्वानों को हटाने का निर्देश दिया है. रेबीज से संक्रमित श्वानों को शेल्टर होम में रखने को कहा, लेकिन, लगातार मामले आने के बाद भी प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है.
गर्मी में बढ़ते हैं डॉग बाइट केस: एंटी रेबीज नोडल अधिकारी डॉ. शिबा सेट्टी ने बताया, गर्मी बढ़ने के साथ ही डॉग बाइट केस में तेजी आ रही है. आवारा श्वान ज्यादातर पांच साल तक के बच्चों को निशाना बना रहे हैं. समय पर वेक्सीनेशन और नसबंदी अभियान को प्रभावी बनाने की आवश्कता है.
वैक्सीन से स्वभाव होता है शांत: पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य डॉ. दिनेश नेहरा के अनुसार, आम तौर पर नसबंदी और एंटी रेबीज वैक्सीन के बाद श्वानों का स्वभाव शांत हो जाता है. स्वस्थ श्वानों में भी रेबीज वायरस पाया जाता है, इसलिए श्वान के काटने पर तुरंत चिकित्सक से चेकअप कराना चाहिए. श्वान किसी को काट ले तो घाव को बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह साफ करें. घाव को धोने के बाद उस पर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं. तुरंत अस्पताल में टीके लगवाएं.
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